
वाराणसी। समाजवादी पार्टी कार्यालय अर्दली बाजार में भारतीय संविधान के शिल्पकार, सामाजिक न्याय के अग्रदूत “भारत रत्न” बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। इस अवसर पर बाबा साहब के जीवन दर्शन पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। जिसमें समाजवादी पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता उनके बताये गए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।
अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ ने कहा कि डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर ने संविधान में अमीर, गरीब, छोटे, बड़े सभी के लिए एक वोट का प्राविधान किया था। उन्होंने अपना पूरा जीवन अछूतों, महिलाओं और मजदूरों की भलाई के लिए न्यौछावर कर दिया।
संचालन करते हुए जिला प्रवक्ता संतोष यादव बबलू एडवोकेट ने कहा कि डॉ. भीम राव आंबेडकर को समानता और न्याय का प्रतीक माना जाता है। उनका कहना था कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का माध्यम है। समय आने पर भूखे रहो लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाओ। उन्होंने कहा है कि शिक्षा बाघिन का वह दूध है जो उसे पिएगा वह बाघ की तरह गुर्राएगा। इस दौरान रामसिंह यादव, भीष्म नारायण, धर्मेंद्र यादव, नन्दलाल कन्नौजिया, संजय पहलवान, मनोज यादव गोलू, रामसिंह भारद्वाज, रामकुमार यादव, सचिन प्रजापति, विजय टाटा,आरपी यादव, दिनेश चौधरी, शिवप्रसाद गौतम, विनोद शुक्ला व गौतम सोनकर आदि थे।
