वाराणसी। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बुधवार को वाराणसी के शिवपुर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (नगर क्षेत्र) में सर्वाइकल कैंसर जागरुकता कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित शिविर में जीवन रक्षा एच.पी.वी. वैक्सीन अभियान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस अवसर पर 100 बच्चियों का निःशुल्क एच.पी.वी. टीकाकरण किया कर अभियान की शुरुआत हुई। अभियान के अंतर्गत आगामी 15 दिवस में जनपद के सभी विद्यालयों की 9 से 14 वर्ष की छात्राओं का शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन किया जायेगा। जिले की 80 हजार बच्चियों का वैक्सीनेशन किया जायेगा। जिसमें 6 माह के अंतराल पर दो बार टीकाकरण किया जायेगा। इस अवसर पर राज्यपाल ने “सबल काशी” कार्यक्रम का बटन दबाकर उद्घाटन भी किया।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लोगों को संबोधित करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि सरकार का ध्यान महिलाओं के उत्थान पर है। महिलाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने गुजरात सरकार के दौरान इस क्षेत्र में किये गये कार्यों का जिक्र करते हुए जन्मजात विकृति तथा कटे होठों के इलाज हेतु किये गये प्रयासों की बात बताई। उन्होंने कहा की 9 से 14 वर्ष की बच्चियों में किस प्रकार इस अभियान की शुरुआत राजभवन में रहने वाले लोगों के बच्चियों में टीकाकरण कराते हुए इस अभियान की शुरुआत की गयी। उन्होंने बताया की किस प्रकार प्रमुख कंपनियों से अपने सीएसआर को इस प्रकार के उत्थान कार्यक्रमों में खर्च की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना से काशी की 9 से 14 वर्ष की अस्सी हजार बच्चियों को इस टीकाकरण अभियान से लाभ होगा, जिससे हमारी बच्चियां स्वस्थ एवं सशक्त होते हुए समाज को सशक्त करेंगी। उन्होंने कहा कि सभी का ध्यान बेटियों/महिलाओं के प्रति होना चाहिये। ताकि हम उनको सशक्त बनाते हुए अपने भविष्य के खर्च को 50 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। उन्होंने महिलाओं से भी अपने प्रति स्वतः ध्यान रखने को भी कहा। आपका स्वास्थ्य बढ़िया होगा तभी आप अपने बच्चों को देखभाल कर पायेंगी। बेटा-बेटी की सोच को हमें छोड़ना होगा, हमें बेटा-बेटी के बीच के भेदभाव को त्यागना होगा, तभी वो भविष्य में आपका नाम कमाएगी। बेटी में जो ताकत है उसको पहचानिए। उन्होंने कहा कि 22 वर्ष तक की बच्चियों को भी हम टीकाकरण दे सकते बशर्ते हमें उनके लिये डोज की संख्या बढ़ानी होगी। उन्होंने सभी से अपने आस-पास रहने वाली बच्चियों को भी इस टीकाकरण अभियान से जोड़ने को कहा। उन्होंने समाज से भी इस तरह बढ़चढ़कर खर्च करने को कहा ताकि बच्चियों के जीवन को स्वस्थ्य रखा जा सके। उन्होंने डॉक्टरों, युवाओं को आड़े हाथों लेते हुए अनुसंधान करने को प्रेरित किया जिस प्रकार कोरोना वैक्सीन हमारे वैज्ञानिकों ने बनायी। उन्होंने अनुसंधान के क्षेत्र में प्रधानमंत्री द्वारा किये जा रहे कार्यों तथा उक्त हेतु किये जा रहे खर्चों की भी तारीफ की। अंत में उन्होंने समाज सेवा के लिए कार्य कर रहे अधिकारियों की भी तारीफ की।

जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य द्वारा टीकाकरण अभियान में बोलते हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु प्रमुख दिन बताया तथा उन्होंने कहा कि टीकाकरण के बाद महिलाओं में सबसे प्रमुख सर्वाइकल कैंसर को 90 प्रतिशत तक कम किया जा सकेगा। उन्होंने युवाअनस्टॉपेबल संस्था तथा माननीय राज्यपाल के प्रति लगातार महिलाओं के दृष्टिगत चलाये जा रहे कार्यक्रमों के लिए सराहना भी की।

ऋषि कुमार, निदेशक युवाअनस्टॉपेबल द्वारा निःशुल्क जीवन रक्षा एचपीवी टीकाकरण के संबंध में पूरी जानकारी राज्यपाल महोदया के समक्ष रखी गयी। उन्होंने बताया की 9 से 14 की 80000 बालिका दो बार टीकाकरण छह माह के गैप पर लगायी जायेगी।

कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बटन दबाकर ‘सबल काशी’ कार्यक्रम की शुरुआत की तथा 10 बालिकाओं को जिनका टीकाकरण किया गया उनको प्रमाणपत्र दिया। जिसमें सृष्टि, आराध्या, आयुषी, आरुही, खुशबू, पायल, महिमा, आराध्या, खुशबु, मधु शामिल रही। जन्मजात विकृति जिनको चिन्हित करते हुए उनका ईलाज करते हुए उनको सही किया गया है उनको भी माननीय राज्यपाल द्वारा प्रमाणपत्र वितरित किया गया जिसमें मोहम्मद अनस, रंजीत राजभर, आदित्य, लक्ष्मी, रूही राजभर, अंसिका शामिल थे।

कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी एस. राजलिंगम द्वारा राज्यपाल के प्रति वाराणसी को लगातार ध्यान देने के लिए आभार प्रकट किया कि किस प्रकार बच्चियों के स्वास्थ्य, आँगनवाड़ी केंद्रों के उत्थान आदि कार्यों को आपके दिशा-निर्देश में लगातार चलाया जा रहा है। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी तथा उनकी पूरी टीम की भी तारीफ।

कार्यक्रम की शुरुआत में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा तथा जिलाधिकारी एस. राजलिंगम द्वारा पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया।

बताते चलें कि एचपीवी टीका एचपीवी के उन प्रकारों से बचाता है जो अक्सर गर्भाशय ग्रीवा, योनि और वुल्वर कैंसर का कारण बनते हैं। 09 से 14 साल की उम्र के किशोरियों के लिए एचपीवी टीकाकरण की जाती है। एचपीवी वैक्सीन नौ तरह के एचपीवी वायरस से सुरक्षा करती है। इन नौ में से दो वायरस ऐसे होते हैं जो सर्विकल कैंसर के ज़्यादातर मामलों के लिए ज़िम्मेदार होते हैं। इनकी वजह से ज़्यादातर एनल कैंसर, जेनिटल कैंसर (जनन अंगों में होने वाला कैंसर) और सिर एवं गर्दन के कैंसर होते हैं। अध्ययनों में सामने आया है कि इस वैक्सीन की वजह से कम से कम दस साल तक एचपीवी संक्रमण से बचा जा सकता है। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि ये टीकाकरण इससे भी ज़्यादा समय तक सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम है। अब तक हुए शोध से पता चला है कि यह वैक्सीन सर्विकल कैंसर के मामलों में नब्बे फ़ीसद की कमी ला सकती है। अगर लड़की या लड़का एचपीवी वायरस के संपर्क में आने से पहले यह वैक्सीन लें तो ये अच्छे ढंग से काम करती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि वैक्सीन सिर्फ़ संक्रमण रोक सकती है. संक्रमित हो जाने पर यह उस वायरस को बाहर नहीं निकाल सकती। ये वायरस इतने आम हैं कि संक्रमण से बचने के लिए यौन संबंध बनाने की उम्र से पहले यानी बचपन में वैक्सीन लगाना ज़्यादा बेहतर समझा जाता है। इस वैक्सीन की दो डोज़ दी जा रही हैं। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, उन्हें दो या तीन डोज़ देनी चाहिए।

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