तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

 

 

वाराणसी। सुगंधित एवं औषधीय पौधों की खेती,प्रसंस्करण एवं विपरण पर चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय कृषि विपरण संस्थान जयपुर की ओर से प्रायोजित एवं विस्तार इकाई, सुगन्ध एवं सुरस विकास केंद्र कानपुर द्वारा साई इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवेलपमेंट (बसनी) बड़ागॉंव, में आयोजित किया गया। जिसमे क्षेत्र के 40 प्रगतिशील किसानों, महिलाओं आदि ने भाग लिया। मुख्य अतिथि विधायक रोहनिया सुनील पटेल थे। प्रशिक्षण कार्यक्रम के संयोजक डॉ भक्ति विजय शुक्ला ने स्वागत किया। धद्वितीय तकनीकी सत्र में पटना,बिहार से आये तथा विगत 25 वर्षों से औषधीय व सुगन्धित खेती कर रहे श्रीकृष्ण प्रसाद ने विभिन्न औषधीय सतावर, नीम, कालमेघ, तुलसी ,सर्पगंधा, अश्वगंधा आदि की चर्चा की। पावर पॉइंट से खेती करने के तरीकों को विस्तार से बतलाया। इसके बाद इस क्षेत्र में वातावरण के अनुकूल सुगंधित संभावित फसलों में लेमनग्रास, सिट्रोनेला एवं पमारोसा की चर्चा की। इसमे कितना लाभ है यह भी बतलाया। इसका प्रसंस्करण कैसे करते है उसको भी दिखलाया।

इन तेलों से और क्या क्या मूल्यवान चीजे बन सकती है, चर्चा की। आर के त्रिपाठी ने लेमनग्रास की खेती के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

सरसौल कानपुर नगर के प्रगतिशील किसान कई राष्ट्रीय व प्रदेश सरकार से सम्मानित किसान समर सिंह भदौरिया ने गेंदा आदि सुगंधित फसलों की खेती के बारे अवगत कराया। धन्यवाद ज्ञापन अजय सिंह ने दिया। संयोजन में पुष्कल त्रिपाठी,अंकित प्रजापति ने सहयोग किया।

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