वाराणसी/शिवपुर। शिवपुर के अष्टभुजी माता मंदिर में चल रहे नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ व शिव महापुराण कथा का समापन शुक्रवार को हुआ। नौ दिन तक चल रहा महायज्ञ यज्ञाचार्य पं हरिकेश पांडेय ने भगवती को प्रसन्न करने के लिए महायज्ञ सकुशल संपन्न करवाया। पं हरकेश पांडेय ने यज्ञ के महत्व के बारे में बताया कि मां दुर्गा को शक्ति की देवी कहा जाता है। नवचंडी यज्ञ को सनातन धर्म में बेहद शक्तिशाली माना गया है।

वेदों में इसकी महिमा का उल्लेख है। सनातन इतिहास में कई जगह ऐसा आता है कि पुराने समय में देवता और राक्षस इस यज्ञ का प्रयोग ताकत और ऊर्जावान होने के लिए करते थे।

कथावाचक बालव्यास आयुष कृष्ण नयन महाराज ने शिव महापुराण की कथा के आखिरी दिन भगवान शंकर के अनेक चरित्रों का वर्णन किया।

इसके अतिरिक्त भगवान राम के द्वारा विराज मान रामेश्वरज्योर्तिलिंग की कथा का वर्णन एवं भारत में स्थापित 12 ज्योर्तिलिंगओं का वर्णन किया। आयोजक अष्टभुजा सेवा समिति के अध्यक्ष मुरारी लाल गुप्ता द्वारा कराया गया। इनके साथ सहयोगी के रूप में मंत्री सुरेश चौरसिया, कोषाध्यक्ष श्याम सुंदर मोदनवाल, छेदीलाल सेठ, मनोज केसरी, जुगल किशोर सर्राफ, सुशील जायसवाल, संतोष केसरी, राज किशोर मिश्र, संजय विश्वकर्मा, अरविंद जायसवाल, आनन्द लाईट तरना एवं मंदिर के पुजारी महेंद्र व जग्गा, आनंद तिवारी व रवि प्रकाश बाजपेई आदि थे।

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