
वाराणसी/प्रयागराज। स्पिक मैके तथा एचसीएल काॅन्सर्टस एवं ऑडियो पार्टनर जेबीएल की ओर से में सात दिवसीय अनहद-नाद कार्यक्रम में शुक्रवार को इलाहाबाद विवि के संगीत सभागार में अपने समापन के साथ कुंभ नगरी में भारतीय शास्त्रीय कलाओं के प्रचार-प्रसार की अमिट छाप छोड़ी। कार्यक्रम के समापन संध्या में पद्मश्री पंडित रोनू मजूमदार ने बांसुरी और पद्मभूषण एवं ग्रैमी पुरस्कार से सम्मानित पंडित विश्व मोहन भट्ट ने मोहन वीणा से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। पंडित रोनू मजूमदार की बांसुरी ने कृष्ण की बंशी की मधुर तान छेड़ी, तो वहीं विश्व मोहन भट्ट जी की मोहन वीणा ने सभी को भक्ति और संगीत के संगम में लीन कर दिया। इस दौरान बांसुरी पर कल्पेश और तबले पर रूपक भट्टाचार्य ने सहयोग दिया। विषय स्थापना स्पिक मैके की प्रदेश समन्वयक डॉ मधु शुक्ला, स्वागत प्रदर्शन कला विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. प्रेम कुमार मल्लिक, संचालन ईप्शिता शुक्ला एवं धन्यवाद ज्ञापन शांभवी शुक्ला ने किया । इस दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुभव सिंह प्रदेश सचिव श्रेयश शुक्ला आदि थे।
