
वाराणसी। प्रेमचन्द ने जीवन के अनुभवों से शिक्षा प्राप्त की। सच्चे अर्थोें में यही वास्तविक शिक्षा होती है जो व्यक्ति को परिपक्व बनाती है। उनका सम्पूर्ण साहित्य उनके जीवनगत अनुभवों का निचोड़ ही है। यह बातें वरिष्ठ साहित्यकार राम सुधार सिंह ने कही। प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र की ओर से प्रेमचंद स्मारक स्थल लमही में आयोजित सुनों मैं प्रेमचंद कहानी पाठ 1476 दिवस पूर्ण होने पर प्रेमचंद की कहानी डिक्री के रुपये का पाठ वरिष्ठ साहित्यकार बुद्ध देव तिवारी ने किया। सम्मान प्रो. श्रद्धानंद, डा. राम सुधार सिंह व निदेशक राजीव गोंड ने किया। प्रो. श्रद्धानंद ने कहा कि प्रेमचन्द ने कहानियों में मानव जीवन प्रवाह की ही झाँकी दिखाई है। जो यथार्थवाद की कसौटी पर खरी उतरती हैं। इस अवसर पर मदन लाल, चंदन पटेल, रामजी सिंह, रोहित गुप्ता, संजय श्रीवास्तव, इंसान खान, राहुल विश्वकर्मा, राहुल यादव, अंकित सिंह,आयुषी दूबे, मनोज विश्वकर्मा, प्रो राजेश श्रीवास्तव आदि थे।
