
वाराणसी।सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के छात्र कल्याण संकाय के प्रमुख प्रो हरिशंकर पाण्डेय के अध्यक्षता में बुधवार को योग साधना केंद्र में यूजीसी के निर्देश के क्रम में एक वेबिनार के माध्यम से देश के माननीय प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा एक थीम 04- बजट 2025 के क्रियान्वयन पर सहभाग किया गया।
उक्त वेबिनार के माध्यम से प्रधानमन्त्री श्री मोदी जी ने उद्योग जगत को नए अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए विकास का इंजन है और दुनिया हमें विश्वसनीय साझेदार के रूप में देख रही है।
पीएम मोदी ने उद्योग जगत से आगे बढ़ने और नए अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने उद्योगों के लिए सुधारों की एक श्रृंखला शुरू की है और निवेश बढ़ाने में राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
वेबिनार में एमएसएमई, निर्माण, निर्यात और परमाणु ऊर्जा मिशन पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने जन विश्वास अधिनियम पेश किया है और कानून कम करने के प्रयास किए हैं। उद्योग जगत को नवीन उत्पादों के निर्माण पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए और अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से मूल्य संवर्धन करना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि राज्यों को आपस में प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए और जो राज्य प्रगतिशील नीतियों के साथ आगे आएंगे, कंपनियां उन्हें निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में पाएंगी। सरकार ने उत्पादन- लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना शुरू की है, जिससे 750 से अधिक इकाइयों को मंजूरी दी गई है और 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है।
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने एमएसएमई के लिए ऋण प्रदान करने की योजना शुरू की है और पहली बार उद्यम करने वाली पांच लाख महिला, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को दो करोड़ रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने सरलीकृत आयकर प्रावधान पेश किए हैं और जन विश्वास 2.0 विधेयक पर काम कर रही है। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने उद्योग जगत के लिए सुधारों की एक श्रृंखला शुरू की है और निवेश बढ़ाने में राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को नवीन उत्पादों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से मूल्य संवर्धन करना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना शुरू की है, जिससे 750 से अधिक इकाइयों को मंजूरी दी गई है और 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है।उन्होंने कहा कि सरकार ने एमएसएमई के लिए ऋण प्रदान करने की योजना शुरू की है।
अन्त में छात्र कल्याण संकाय प्रमुख प्रो० हरिशंकर पाण्डेय ने बताया कि प्रधानमन्त्री जी द्वारा सारगर्भित उद्बोधन से विश्वविद्यालय के आचार्यों एवं विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और उमंग के साथ देश के भविष्य को साकार करने का जोश पैदा हुआ है।
ज्ञातव्य हो कि इस वेबिनार में विश्वविद्यालय के अध्यापकों, विद्यार्थियों में क्रमशः प्रो रविशंकर पाण्डेय सहित डॉ० विजेन्द्र आर्य, डॉ. राजेश कुमार श्रीवास्तव,डॉ. देवात्मा दुबे,डॉ. श्रवण कुमार,डॉ. सूर्यभान कुमार,डॉ. कृष्ण कुमार,डॉ. गोपाल प्रसाद,डॉ. सत्यप्रकाश सोनकर,डॉ. मनु मिश्र,डॉ. जय प्रकाश,डॉ. संतोष कुमार,डॉ. किरन सिंह,डॉ. रवि प्रकाश पाण्डेय,डॉ. सोहन कुमार समस्त शोधछात्र, शिक्षाशास्त्री एवं बटुक छात्र उपस्थित रहे।
