
प्रभु श्री राम के सिंहासनारोहन के साथ पट्टाभिषेक महोत्सव का भव्य समारोह
वाराणसी। देश में पुनः रामराज्य की स्थापना हो, सभी सुखी और संपन्न हो, सभी को अभय मिले, किसी को रोग-शोक न व्यापे, इस मंगल कामना के साथ मानसरोवर तीर्थ क्षेत्र में चल रहे श्री राम साम्राज्य पट्टाभिषेक महोत्सव में सोमवार को प्रभु श्री राम का राजतिलक कर सिंहासनारूढ़ करवाया गया। भक्तों की जयकारों के बीच आचार्यों ने देश के सभी पवित्र नदियों व सागर के जल से दशरथ नंदन श्री राम के विग्रह का मस्तकाभिषेक वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच देव आह्वान, ऋषिपूजन, गुरु अर्चना जैसे अनुष्ठान निभाए गए। संपूर्ण तीर्थ क्षेत्र मंगल गीतों से गूंजता रहा। यज्ञ के मुख्य आचार्य उलीमीरी शोमा याजुलू ने बताया कि श्री राम तारक आंध्र आश्रम में लगातार दूसरे वर्ष आयोजित पट्टाभिषेक महोत्सव अभी मात्र विश्राम ले रहा है। लगातार चार वर्षों के आयोजन इसी मंडप में महा पट्टाभिषेक अनुष्ठान आयोजित होगा। इस आयोजन में देश-विदेश के हजारों श्रद्धालु काशी में जुटेंगे और महा महोत्सव में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कराएंगे।
उन्होंने बताया कि पट्टाभिषेक महोत्सव का पुण्य फल देश के शासन व शासक के नाम फलीभूत होता है। देश धन्य-धान्य वैभव व ऐश्वर्य को प्राप्त करता है।
महोत्सव के मुख्य यजमान तथा श्री राम तारक आंध्र आश्रम के मैनेजिंग ट्रस्टी वी वी सुंदर शास्त्री ने सपत्नीक राजा राम की छवि को पूजाएं समर्पित कर चवरसेवा अर्पित की तथा श्री दरबार की आरती उतारी।
द्वादश दिवसीय समारोह का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
सायंकालीन सत्र में आयोजित एक समारोह में आयोजकों ने महोत्सव को पूर्णता देने में सहभागी सभी लोगों का सम्मान किया।
मंगलवार को सुहागिनों के द्वारा सीतामाता को लक्ष्य कुमकुम भगवान राम चन्द्रजी को लक्ष्य तुलसी अर्चना होगा । समारोह का समापन बुधवार की सायं 5 बजे गंगा की लहरों पर निकलने वाली राम दरबार की बजड़े पर शोभा यात्रा के साथ होगा।
आयोजन में मुख्य रूप से सीवीबी सुब्रह्मण्य,अन्नदनम चिदम्बर शास्त्री, शेखर द्रविड़, डी वेणु गोपाल, दया शंकर गुप्ता, श्रीमती ए धनलक्ष्मी, के इस भवानी, द्रोणम ललिता, शामिल रहे।
संचालन आश्रम के प्रबंधक वी वी सीताराम ने किया।
