
वाराणसी।मानसरोवर स्थित श्री राम तारक आंध्रा आश्रम में बारह दिवसीय श्रीराम साम्राज्य पत्ताभिषेकम महोत्सव बड़े ही भव्यता के साथ वाल्मीकि रामायण के श्लोक परायण जप होम के साथ चल रहा है जिसका समापन बुधवार को प्रातः भगवान हनुमान जी को ग्यारह सौ पान के पत्तों से सहस्त्रनाम पूजा किया गया। 
सांयकाल भगवान श्री राम चन्द्र जी के दरबार के साथ भगवान को सजे हुए पालकी में बिठा कर शोभा यात्रा आंध्रा आश्रम से प्रारंभ होकर मानसरोवर होते हुए खेमेश्वर घाट पर पहुंचा।
पालकी को भक्तों ने अपने कंधों पर लेकर चल रहे थे सोमेश्वर घाट पर भगवान श्रीराम चंद्रजी को भव्य रूप से आकर्षक फूलों से सजाए किए गए बजड़े पर भगवान को विराजमान किया गया।
तीन बजड़े पर भक्तों के द्वारा भजन करते हुए केदार घाट,अस्सी, दशाश्वमेध घाट, पंचगंगा घाट,से वापस खेमेश्वर घाट पहुंचा।
शोभायात्रा में भक्तों के द्वारा जय श्री राम, हर हर महादेव, जैसे नारा लगाया जा रहा था। भक्तों ने अपने हाथों में जय श्री राम के झंडे लेकर चल रहे थे।
समापन पर क्षमेश्वर घाट पर भगवान रामचंद्र जी को और गंगामता को षोडशोप चार से पूजाअर्चना किया ।
पश्चात पलकी में भगवान रामचंद्र को आश्रम के प्रांगण में स्थित राम मंदिर में पहुंचाया गया ।
रात में भगवान सीता रामचंद्र जी का शयन सेवा किया गया।
इस कार्यक्रम का संचालन आश्रम के मैनेजिंग ट्रस्टी की वी वी सीताराम ने किया।
इसमें मुख्य रूप से नारायणनंद भारती स्वामी, अउलिमिरी सोमायाजुलु, अन्नदनम चिदम्बर शास्त्री, सी वी बी सुब्रमण्यम, आशीष टंडन, राजू यादव, अनुपम भट्टाचार्य, गजानन जोशी, शिव शर्मा,श्रीमती वेमुरी उमा ,धरनिजा, अनेक भक्तगण शामिल रहे।
