
वाराणसी। जिला सपा कार्यालय अर्दली बाजार में ज्योतिराव गोविन्द राव फुले की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। जिसमें समाजवादी पार्टी के नेता, कार्यकर्ता उपस्थित थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी आगमन के मद्देनजर आज सुबह से ही पार्टी कार्यालय अर्दली बाजार को पुलिस प्रशासन द्वारा पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। कहा कि भीड़ इकठ्ठा न करें। जिसके विरोध में पार्टी के नेताओं ने फुले को श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद कार्यालय से निकल कर विरोध स्वरूप पैदल मार्च करते हुए जिला मुख्यालय की ओर चल पड़े पुलिस ने रोकना चाहा तो धकेलते हुए आगे निकल पड़े। सपाई नारेबाजी करते हुए निकल पड़े। जिस पर पुलिस प्रशासन ने सर्किट हाउस के पास उन्हें रोक लिया और आगे नहीं जाने दिया। टकराव की स्थिति को देखते हुए जिलाध्यक्ष ने पार्टी नेताओं को वही रोक लिया।
अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ ने कहा कि आज जिस तरह से पार्टी कार्यालय को पुलिस छावनी में तब्दील करके हमारे कार्यकर्ताओं को डराने का काम किया जा रहा है वह गलत एवं अलोकतांत्रिक है। हम समाजवादी डरने वाले नहीं है।उन्होंने आगे कहा कि फुले जी मानना था कि समाज में सभी को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार होना चाहिए, विशेष रूप से महिलाओं व दलितों को। वे दलितों को समाज में समानता और न्याय दिलाने के लिए आजीवन संघर्ष करते रहे। उन्होंने जाति व्यवस्था का पुरजोर विरोध किया और सभी को समान अधिकार देने की बात कही थी। संचालन करते हुए जिला प्रवक्ता संतोष यादव बबलू एडवोकेट ने कहा कि ज्योतिराव गोविंदराव फुले, जिन्हें ज्योतिबा फुले के नाम से भी जाना जाता है। वे एक महान समाज सुधारक, विचारक और लेखक थे, जिन्होंने महिलाओं की शिक्षा और दलितों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।
इस अवसर पर हरीश मिश्रा, पूजा यादव, दीपचंद गुप्ता, उमेश प्रधान, भीष्म नारायण सिंह, अखिलेश यादव, सुजीत पांडेय शमशेर, राजेंद्र प्रसाद, रामकुमार यादव, पुत्तुल यादव, मनोज यादव, रवि यदुवंशी, धर्मवीर पटेल, डी के मौर्या, सचिन प्रजापति, सतीश यादव, शिवप्रसाद गौतम, लवकुश पगड़ी, आनंद यादव, रवीनेश रोशन, अयाज खान व विनोद शुक्ला आदि थे।
