
वाराणसी ।235 वर्षों से निरन्तर भारतीय ज्ञान परम्परा के अति प्राचीन केंद्र सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय,वाराणसी के ऐतिहासिक धरा पर अत्यन्त सकारात्मक ऊर्जा का संचार है, यहां की पांडुलिपियों में भारतीय ज्ञान परम्परा के अमृत तत्व निहित हैं, यह ऋषि तुल्य आचार्यों के तप से लिपिबद्ध है। राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के द्वारा जिसके संरक्षण का कार्य चल रहा है।जिसके गति को और बढ़ाने की जरूरत है।
उक्त विचार उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव श्री एमपी अग्रवाल नें शनिवार को सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के परिसर में चल रहे निर्माण कार्यो, पांडुलिपि संरक्षण एवं ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केन्द्र में व्यक्त किया।
अपर मुख्य सचिव श्री अग्रवाल ने सपत्नीक विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक सरस्वती भवन में संरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों में “रास पंचाध्यायी”,भागवतगीता एवं दुर्गासप्तशती( विशेष कपड़े में लिखी गई) जो कि स्वर्ण अक्षरों एवं स्वर्ण कलाओं से युक्त है, जिसे देखकर भाव विभोर हुये, उन्होंने भारतीय संस्कृति के धरोहर को संरक्षित करने के अभियान को निरन्तर जारी रखने तथा विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे इस प्रयास की सराहना भी किया तथा इस कार्य की गति को और बढ़ाने का सुझाव भी दिया। विस्तार भवन में भारत सरकार के सहयोग से पांडुलिपि के संरक्षण के कार्यो में प्रदेश सरकार के स्तर से हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
*निर्माण कार्यो का स्थलीय निरीक्षण*–
अपर मुख्य सचिव श्री एमपी अग्रवाल ने विश्वविद्यालय में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यो का स्थलीय निरीक्षण कर नवीन अतिथि गृह निर्माण, शताब्दी भवन अतिथि भवन जीर्णोद्धार, परिसर के निर्माण हो रही बाउंड्री वाल एवं अन्य निर्माण कार्यो के गति बढ़ाने का संबंधित विभाग के लोगों को निर्देश भी दिया।उन्होंने कहा कि तीन माह कर अन्दर इन कार्यो को सम्पन्न कराएं।
*ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केन्द्र का निरीक्षण*–
उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश और सहयोग से स्थापित ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केन्द्र का निरीक्षण कर वहां की प्रगति को देखकर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि अब तक यहां 12 पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं जिसमें से एक बैच का निकल गई है,दूसरे बैच में भी प्रवेश जारी है जो कि अधिक से अधिक लोग जुड़ रहे हैं, यह बहुत हर्ष का विषय है। यहां संचालित पाठ्यक्रमों में धीरे-धीरे इसमें और नवीन पाठ्यक्रम जोड़ने की शृंखला में हस्तरेखा पाठ्यक्रम आदि भी संचालित करने का सुझाव दिया।उन्होंने कहा कि ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण के माध्यम से देश विदेश से लोग जुड़ रहे हैं, निश्चित ही भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रसार बढ़ रहा है। अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
उन्होंने परिसर में स्थित ऐतिहासिक मुख्य भवन का भी अवलोकन किया।
उत्तर प्रदेश सरकार इस संस्था को निरन्तर सहयोग दे रही है।
प्रभारी कुलपति प्रो रामपूजन पाण्डेय ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव श्री अग्रवाल जी के आगमन से विश्वविद्यालय के कार्यो में और गति प्राप्त होगी, यहां आपके आगमन से सभी समस्याओं का निदान होगा।
अपर मुख्य सचिव श्री एमपी अग्रवाल के आगमन पर परम्परानुसार प्रभारी कुलपति प्रो रामपूजन पाण्डेय, प्रभारी कुलसचिव प्रो रमेश प्रसाद,प्रो विधु द्विवेदी एवं वित्त अधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने पुष्पगुच्छ, अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर स्वागत और अभिनंदन किया गया।
विश्वविद्यालय के कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार तिवारी, उपेंद्र कुमार, राम नयन मणि आदि ने अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर स्वागत और अभिनंदन किया।
उस दौरान प्रो सुधाकर मिश्र,प्रो विधु द्विवेदी,प्रो दिनेश कुमार गर्ग,वित्त अधिकारी संतोष कुमार शर्मा, अभियंता ई रामविजय सिंह आदि उपस्थित थे।
