वाराणसी। दुर्गाकुंड स्थित प्राचीन बनकटी हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित गया प्रसाद मिश्र की स्मृति में एक श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन नगवा लंका स्थित गंगोत्री विहार कॉलोनी स्थित उनके आवास पर किया गया। श्रद्धांजलि समारोह में सर्वप्रथम काशी के प्रख्यात ज्योतिष आचार्य एवं आदित्य पंचांग के संपादक पंडित पारस नाथओझा, पंडित संतोष कुमार मिश्रा, समाजसेवी रामयश मिश्र नें पंडित गया प्रसाद मिश्र के चित्र पर पुष्प गुच्छ चढाकर उनको नमन किया।

इस अवसर पर अपनी श्रद्धांजलि देते हुए आदित्य पंचांग के संपादक पंडित पारसनाथ ओझा ने कहा कि बनकटी हनुमान मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित गया प्रसाद मिश्र हनुमान जी के सच्चे साधक थे । प्रातः 4 बजे उठना हनुमान जी का शृंगार कर भव्य मंगला आरती करना और दिनभर सेवा करते हूए शाम को शयन आरती तक उनकी ही सेवा में लगे रहना। साथ ही सीताराम विवाह पंचमी पर मंदिर में मानस नवाह पाठ कराना, रामायण सम्मेलन में सनातन संस्कृति का प्रचार प्रसार करना ही उनके जीवन का उद्देश्य था वह सही मायने में हनुमान जी के सच्चे भक्त थे। ऐसे भक्त को बाबा विश्वनाथ अपने चरणों में जगह दे।

संतोष कुमार मिश्रा ने कहा कि पंडित गया प्रसाद मिश्र काशी की संस्कृति में रचे बसे थे उनके चेहरे पर हमेशा एक अलग मुस्कान रहती थी और हमेशा भगवान की भक्ति में लीन रहते थे, ऐसे भगवान के भक्त को सादर नमन।

समाजसेवी रामयश मिश्र ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पंडित गया प्रसाद मिश्र बाबा विश्वनाथ की नगरी में उनके उनके ही अवतार हनुमान जी के अनन्य उपासक थे। उनके मन व मुख में हमेशा सीताराम का ही उच्चारण रहता था। बनकटी हनुमान मंदिर में आने वाले भक्तों को दर्शन पूजन करने में कोई परेशानी ना हो उसका वह हमेशा ख्याल रखते थे और मंदिर में नित्य प्रति सनातन संस्कृति के प्रचार प्रसार के लिए कोई न कोई धार्मिक आयोजन करते रहते थे। गरीबों, दीन दुखियों के लिए उनके मन में हमेशा सेवा का भाव रहता था और उन लोगों की सेवा करने के लिए भी तत्पर रहते थे ।वह जीवन भर सनातन संस्कृति के लिए जिए और अंत समय भी में भी भगवान की सेवा करते हुए बाबा विश्वनाथ के चरणों में समाहित हो गए। श्रद्धांजलि समारोह में आए हुए विद्वानों को उनके पुत्र पंडित गिरीश कुमार मिश्रा ने स्वागत करते हुए कहा कि पिता पिता द्वारा बताए गए रास्ते पर वह चलने का प्रयास करेंगे और बनकटी हनुमान जी की सेवा करने का आज वह संकल्प लेते हैं। कार्यक्रम का संचालन रामयश मिश्रा ने किया तथा धन्यवाद पंडित धनंजय कुमार मिश्रा ने किया।

इस अवसर पर पंकज कुमार मिश्रा, राजू मिश्रा श्रीमती फूल कुमारी मिश्रा, पूजा वंदना, अर्चना रुद्र मिश्रा एवं तपस्वी सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे। आज ही पंडित गया प्रसाद मिश्रा का तेरहवी संस्कार भी था जिसमें शामिल होकर लोग प्रसाद ग्रहण किये।

मंगलवार को दोपहर 11 बजे बनकटी हनुमान मंदिर में पंडित गिरीश कुमार मिश्र को प्रधान पुजारी बनाया जाएगा। विद्वानों द्वारा उनको पगड़ी पहनकर उनको प्रधान पुजारी प्रधान पुजारी की आसन पर बैठाया जाएगा।

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