
कवि इंजी रामनरेश नरेश
आपरेशन सिंदूर चलाकर,
करोंड़ों दिल में दिया जलाया है I
धर्म पूछ – पूछ करके जिन्होंने गोलियां मारी,
हमने तो उन्हीं का घर ढहाया है II
न दिले दर्द,न सुनाई चीख बहनों के,
वे हैवानियत कर रहे इसारों पर आतंकियों के I
बिलखती तड़पती बहनों को जो रुलाया है,
हमने तो उन्हीं का घर ढहाया है II
बात नहीं मानते हैं अब भी वे हत्यारे,
कर देंगे मिसाइलों से उनके वारे न्यारे I
जिन शैतानों ने सिंदूर धुलने पर जश्न मनाया है,
हमने तो उन्हीं का घर ढहाया है II
कवि इंजी. राम नरेश “नरेश”
🌹वाराणसी (उ.प्र) 🙏 जय जवान 🙏🌹🙏जय हिंदुस्तान
