सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में कला अभिरुचि कार्यशाला में आज तीसरा दिन 

 

वाराणसी।बदलते हुए संग्रहालय की अवधारणा के कारण वर्तमान में संग्रहालयों का प्रशासन एवं प्रबंधन एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य हो गया है। आज संग्रहालय का कार्य केवल मूल कार्यों तक सीमित न होकर उससे कही अधिक व्यापक हो गया है। वर्तमान में संग्रहालयाध्यक्ष को सभी क्षेत्रों में निपुण होना आवश्यक है। संग्रहालय का कार्य संग्रहण, प्रलेखन, प्रदर्शन, भण्डारण एवं संरक्षण तक ही सीमित न रह कर वर्तमान में शिक्षण, प्रदर्शनी लगाना, जनजागरूकता अभियान चलाना एवं व्याख्यान/कार्यशाला इत्यादि का आयोजन करना हो गया।”

उक्त बातें लाल बहादुर शास्त्री स्मृति भवन संग्रहालय, रामनगर, वाराणसी (संस्कृति विभाग, उ०प्र०) एवं पुरातत्व संग्रहालय, सामाजिक विज्ञान विभाग, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में “कला अभिरूचि पाठ्यक्रम” के अन्तर्गत आयोजित पाँच दिवसीय “काशी का इतिहास, सांस्कृतिक परम्परा तथा संग्रहालय की महत्ता एवं उपयोगिता’ विषयक व्याख्यान / कार्यशाला के तृतीय दिवस के प्रथम सत्र के विषय “संग्रहालय प्रबंधन, प्रशासन एवं चुनौतियों” के मुख्य वक्ता सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के पुरातत्व संग्रहालय के संग्रहालयाध्यक्ष डॉ० विमल कुमार त्रिपाठी, ने व्यक्त किया। उन्होने कहा कि “संग्रहालय का प्रबंधन भी एक महत्वपूर्ण एवं चुनौतीपूर्ण कार्य है, संग्रहालयाध्यक्ष को संग्रहालय का प्रबंधन करने में वातावरणीय परिवेश, मौसम, संग्रहालय आने वाले दर्शको एवं कलाकृतियों की प्रकृति को ध्यान में रखना पड़ता है।”

इससे पूर्व पाँच दिवसीय व्याख्यान / कार्यशाला के तृतीय दिवस के प्रथम सत्र व्याख्यान के मुख्य वक्ता डॉ० विमल कुमार त्रिपाठी का स्वागत श्री अमित द्विवेदी, संग्रहालयाध्यक्ष, लाल बहादुर शास्त्री स्मृति भवन संग्रहालय, रामनगर, वाराणसी (संस्कृति विभाग, उ०प्र०) ने माल्यार्पण, अंगवस्त्रम् एवं स्मृतिचिन्ह भेंट कर किया।

व्याख्यान / कार्यशाला के तृतीय दिवस के दूसरे सत्र में पुरातत्व संग्रहालय, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के फोटोग्राफर श्री राजकुमार ने प्रतिभागियों को कैमरे द्वारा कलाकृतियों एवं महत्वपूर्ण स्थलों की फोटोग्राफी करने की विधियों एवं ऐसा करते समय रखी जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया। श्री राजकुमार ने प्रतिभागियों को संग्रहालय में कलाकृतियों की फोटोग्राफी के महत्व एवं उपयोगिता के बारे भी बताया।

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