
समर कैंप हुआ समापन

वाराणसी।21 मई 2025 से 10 जून 2025 तक संचालित समर कैंप का मंगलवार को विधिवत समापन हुआ।
जिसमें वाराणसी जिले के 353 विद्यालयों और चिरईगांव ब्लॉक के 46 कंपोजिट, उच्च प्राथमिक विद्यालय, जिसमें दो पीएम श्री नवापुरा और उमरहा भी शामिल रहे।
समर कैंप में शिक्षाविद्, जन प्रतिनिधि,शिक्षक,ग्राम प्रधान, अभिभावक, चिरईगांव ब्लॉक की खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती प्रीति सिंह, एआरपी रश्मि त्रिपाठी कंपोजिट स्कूल नरपतपुर की उपस्थिति रही।
सहज योग की टीम ने बच्चों को और बड़ों को योग की महत्ता को बताया । योग से कैसे हम रोगों का निवारण कर सकते है। अपनी क्षमताओं का बेहतरीन इस्तेमाल कर सकते है। अलग अलग दिनों के योगाभ्यास खेलकूद ने बच्चों को बचपन से खेलकूद, योग, व्यायाम से स्वस्थ , सकारात्मक बनने की प्रेरणा दी और टीम भावना का विकास किया।
यह भी बताया कि जीवन में इसे प्रतिदिन करना कितना महत्वपूर्ण है।समर कैंप में बच्चों ने एक से एक क्राफ्ट बनाया। जिसमें उनके हुनर और बारीकी दिखी।
बच्चों ने गायन वादन में रुचि दिखाई। बच्चों ने ढोलक बजाना सीखा। एक दूसरे से सीखने के क्रम में पी एम श्री नवापुरा के बच्चों ने हेमांग त्रिपाठी और देवांगना फनी से भजन और गीत सुने और साथ ही वहां के बच्चों ने भी गाया।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय समाज शास्त्र विभाग प्रोफेसर डॉ अनुराधा बापुली ने बच्चों को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
उन्हें प्रतिदिन स्कूल आने की प्रेरणा दी।
पीएम श्री नवापुरा के बच्चे और अतिथि बाल कलाकारो ने स्कूल चले हम पर नृत्य किया।
अतिथि बाल कलाकारों से बच्चों को मिलवाने का उद्देश्य था कि वह एक दूसरे से सीखे। बच्चे जान पाए की इन बच्चों जैसे वह भी कैरियर के लिए, सीखने के लिए खेलकूद ,गीत लग अलग दिशाओं को चुन सकते है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय प्रोफेसर डॉ अनुराधा बापुली ने बहुत ही खुशी व्यक्त की कि आज सरकारी विद्यालयों में बहुत सारी सुविधाएं हो गई है जो निश्चित रुप से बेहतरीन विकास में सहायक होगी।
योग प्रशिक्षिका रीति श्रीवास्तव ने चल रहे समर कैंप में समय समय पर बच्चों को हमारे ब्लॉक के विद्यालयों में योग का महत्व सिखाया और सही तरीके से योगाभ्यास का प्रशिक्षण दिया। डॉ शरद श्रीवास्तव सेवानिवृत प्राचार्य जमानियां डिग्री कॉलेज, गाजीपुर ने बच्चों को अहिल्या बाई होल्कर के बारे में बताया। उनकी 300 वीं जयंती पर बच्चों ने एक से बढ़कर एक रंगोली बनाई, नाटक किया और प्रश्नोत्तरी आयोजित की। बच्चों के अंदर वैज्ञानिक सोच के लिए उन्हें प्रयोग कराए गए। अवलोकन और निष्कर्ष के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों ने विज्ञान, गणित जैसे विषयों पर खेल खेले और प्रश्नोत्तरी की। बच्चों ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन, स्मार्ट बोर्ड, एनीमेशन, वर्चुअल लैब आदि से विभिन्न प्रयोग देखे डिजिटाइजेशन का प्रयोग किया। पर्यावरण, जल संरक्षण, पौधारोपण के महत्व को न सिर्फ जाना बल्कि पौधा रोपण किया।
पर्यावरण दिवस पर अपनी कल्पनाओं को चित्रों से प्रदर्शित किया और संवेदनशीलता दिखाई। समग्र रूप से ये समर कैंप रचनात्मक रहा। बच्चों के अंदर नई प्रतिभाओं का सृजन हुआ जो उन्हें जीवन में आगे भी उपयोगी सिद्ध होंगे।इन्हें प्रेरक, रचनात्मक और उद्देश्यपरक बनाने के लिए हमें समाज के प्रेरक व्यक्तित्वों, शिक्षाविदों और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल किए लोगों को शामिल करना होगा। जो बच्चों की स्थायी मेमोरी में सदा के स्थापित हो सके, और प्रेरित करे।
चिरईगांव की खंड शिक्षा अधिकारी प्रीति सिंह ने बच्चों के समर कैंप के कार्यों का अवलोकन किया। बच्चों ने मैम को स्वनिर्मित बुके दिया। मिट्टी के बर्तन, खिलौने, बेड, शिवलिंग, दिया आदि दिखाया। बच्चों ने सुन्दर चित्र, रंगोली दिखाया। जिसमें से बेहतरीन कार्यों को मैडम ने सराहा और स्टेशनरी और बॉक्स आदि वितरण कर बच्चों को पुरस्कृत किया। कंपोजिट स्कूल झांझुपुर के बच्चों का अपने सुन्दर कार्यों के लिए पुरस्कार पाकर चेहरे खिल उठे। आज चिरईगांव ब्लॉक और वाराणसी के विभिन्न स्कूलों में चल रहे समर कैंप का भव्यता के साथ समापन समारोह हुआ। बच्चे पुरस्कृत हुए।उन्हें उनके कार्यों की सराहना ने उत्साह से भर दिया। इस समर कैंप से बच्चों ने जीवन कौशल सीखा और आत्मविश्वास को बढ़ाया है।
