आज आयोजित कार्यक्रम का तीसरा दिन 

 

वाराणसी । बुधवार को अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र, बीएचयू, वाराणसी तथा अंतर विश्वविद्यालय योगिक विज्ञान केंद्र, बैंगलोर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स : योग फॉर माइंडफुलनेस एंड वेल बीइंग’ विषय पर छः दिवसीय कार्यक्रम के तीसरे दिन की शुरुआत आदित्य कुमार जी के योग सत्र से हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास किया। इसके बाद प्रो. सुनील कुमार सिंह, शिक्षा संकाय, बीएचयू द्वारा एक सैद्धांतिक सत्र आयोजित किया गया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और समग्र शिक्षा की दृष्टि से योग के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। चर्चा के दौरान उन्होंने उच्च शिक्षा में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित किया और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विभिन्न पहलुओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। दिन की दूसरी वक्ता, प्रो. नीरू नथानी, आर्युर्वेद संकाय, आईएमएस, बीएचयू, ने “शिक्षकों के कल्याण के लिए योगिक आहार और जीवनशैली” विषय पर एक विचारशील सत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि योग एक प्राचीन विज्ञान है जो स्वस्थ, खुशहाल और शांत जीवन को बढ़ावा देता है। इस कार्यकम का संयोजन प्रो. अजय कुमार सिंह तथा सहसंयोजन डॉ. सुनील कुमार त्रिपाठी व डॉ. कुशाग्री सिंह द्वारा किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त, अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र, वाराणसी व नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में ‘यूज ऑफ रुब्रिक्स फॉर असेस्मेंट ऑफ प्रोजेक्ट्स, सेमिनार्स एंड इंडस्ट्रियल ट्रैनिंग्स’ विषय पर पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन आई.यू.सी.टी.ई. परिसर में किया जा रहा है। जिसके तीसरे दिन नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च, भोपाल के प्रो. आर. के. कपूर ने ‘प्रोजेक्ट वर्क के लिए रूब्रिक निर्माण’ विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रोजेक्ट आधारित मूल्यांकन के लिए उद्देश्य, मापदंड, स्तर और स्कोर निर्धारण की विधि समझाई। वही दूसरी वक्ता प्रो. अंजू रावले ने ब्लूम्स टैक्सोनॉमी के विभिन्न स्तरों की व्याख्या करते हुए ज्ञान, समझ, अनुप्रयोग, विश्लेषण, संश्लेषण और मूल्यांकन को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि प्रभावी मूल्यांकन उपकरण इन्हीं संज्ञानात्मक स्तरों पर आधारित होने चाहिए और रूब्रिक के माध्यम से मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और परिणामोन्मुख बनाने पर बल दिया। इस पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में बिहार राज्य के विभिन्न जनपदों में स्थित राजकीय पालीटेक्निस के 38 शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं । इस कार्यक्रम का समन्वयन प्रो. अंजू रावले, प्रो. आशीष श्रीवास्तव व सह-समन्वयन डॉ. अनिल कुमार द्वारा किया जा रहा है।

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