वाराणसी। प्रमुख सचिव, कृषि उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर जनपद में स्थापित औद्योगिक संस्था जैसे-कैटल फीड, कुक्कुट फीड, साबून, पेंट, बार्निस, मुद्रण स्याही, लिबास चादरें, प्लाईवूड, लेमिन बार्ड, पार्टीकल बोर्ड के निर्माण में प्रयोग किये जा रहे अनुदानित यूरिया की जांच कर अनुदानित यूरिया के प्रयोग किये जाने पर सम्बन्धित फर्मो पर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु बुधवार को उर्वरक निरीक्षक एवम् उद्योग विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर जनपद में छापे की कार्यवाही की गयी।

जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार के आदेशानुसार टीम का गठन मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल टीम द्वारा किया गया। टीम-1 में उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल एवं उद्योग विभाग के सहायक आयुक्त संजीव कुमार जिनको तहसील-सदर, टीम-2 मे जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह एवं उद्योग विभाग के सहायक प्रबंधक ध्रुव सिंह जिनको तहसील-पिण्डरा तथा टीम-3 में जिला कृषि रक्षा अधिकारी बृजेश विश्वकर्मा एवम् उद्योग विभाग के सहायक प्रबंधक श्रीपाल जिनको तहसील-राजातालाब आवंटित किया गया। छापे के दौरान कुल 07 औद्योगिक इकाईयों एवं उनके गोदामों का गहन निरीक्षण किया गया। कहीं पर भी अनुदानित यूरिया का प्रयोग नही पाया गया।

जनपद के समस्त औद्योगिक संस्था जैसे-कैटल फीड, कुक्कुट फीड, साबून पेंट, बार्निस, मुद्रण स्याही, लिबास चादरें, प्लाईवूड, लेमिन बार्ड, पार्टीकल बोर्ड के निर्माण के प्रोपराइटर को निर्देशित किया जाता है कि जिन भी उत्पाद में यूरिया का प्रयोग किया जाता है, उसमें अनुदानित यूरिया का प्रयोग कदापि न करें अन्यथा निरीक्षण/परीक्षण में यह पाया जाता है कि आप द्वारा अनुदानित यूरिया का प्रयोग किया जा रहा है तो नियमानुसार उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। अबैध रूप से उर्वरकों की कालाबाजारी करने वाले बिक्रेताओं के विरूद्ध यह अभियान निरंतर चलता रहेगा। वर्तमान समय में जनपद में समस्त उर्वरक उपलब्ध है। जनपद के प्रत्येक क्षेत्र में उर्वरक की कोई कमी नही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *