
वाराणसी। ग्रामीण महिलाओं की प्रतिभा अब आत्मनिर्भरता की नई मिसाल गढ़ रही है। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग की टी.डी.यू.पी.डब्ल्यू. स्कीम के तहत साईं इंस्टिट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट द्वारा प्रशिक्षित महिलाओं ने अपने हाथों की कलाकारी से समाज को मंत्रमुग्ध कर दिया है। डीएसआईआर की स्कीम से प्रशिक्षित एक बेटी द्वारा पेंसिल से बनाई गई उपजिलाधिकारी, पिंडरा, श्रीमती प्रतिभा मिश्रा की स्केच को साईं इंस्टिट्यूट के निदेशक अजय सिंह द्वारा सम्मानपूर्वक और सप्रेम भेंट किया गया। उपजिलाधिकारी प्रतिभा मिश्रा ने कहा कि यह कार्य न केवल बेटियों की कला का प्रतीक है,
बल्कि ग्रामीण महिलाओं की रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता की दिशा में हो रहे महत्वपूर्ण प्रयासों को भी दर्शाता है। मैं इस बेटी और संस्थान के प्रयासों की हार्दिक सराहना करती हूँ और शुभकामनाएँ देती हूँ। संस्थान के निदेशक अजय सिंह ने कहा यह पहल महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता का संचार कर रही है और समाज में उनके लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है। हमारी बेटियाँ अपनी कला और कौशल से ग्रामीण विकास की नई कहानी लिख रही हैं।
