
वाराणसी।सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने बताया कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत बी-वोक एवं एम-वोक पाठ्यक्रम के तहत पं. दीनदयाल उपाध्याय कौशल विकास केंद्र में दो पाठ्यक्रम ‘ज्योतिष एवं कर्मकांड’ और ‘वास्तुशास्त्र एवं आंतरिक सज्जा’ में सत्र 2025-26 हेतु प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है।
*पाठ्यक्रमों की विशेषताएं*
– यह पाठ्यक्रम सभी के लिए रोजगारपरक है और धर्मगुरु बनने के लिए एक सम्पूर्ण पाठ्यक्रम है।
– इसके माध्यम से अर्चक, ज्योतिषी के रूप में भी रोजगार प्राप्त किया जा सकता है।
– समाज और राष्ट्र में कर्मकांड और ज्योतिष शास्त्र के ज्ञान से पूजा आदि के वास्तविक दर्शन से समाज को जोड़ा जा सकता है।
*पाठ्यक्रम की अवधि और फीस*
– बी-वोक पाठ्यक्रम तीन वर्ष का है और इसमें छह सेमेस्टर होंगे।
– एम-वोक पाठ्यक्रम चार सेमेस्टर का होगा।
– प्रवेश फार्म का शुल्क रुपये 500/- है और पाठ्यक्रम की फीस आठ हजार पांच सौ रुपये (8000/-) प्रति सेमेस्टर निर्धारित की गई है।
*आवेदन पत्र कैसे प्राप्त करें*
आवेदन पत्र कौशल केंद्र कार्यालय (पाणिनि भवन के द्वितीय तल पर गृह विज्ञान विभाग) पर सुबह 10:30 से दोपहर 4:30 बजे तक प्राप्त किए जा सकते हैं।
कौशल केंद्र की निदेशक प्रो• विधु द्विवेदी ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्र धर्मगुरु बनने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्राप्त कर सकते हैं और समाज में पूजा आदि के वास्तविक दर्शन को बढ़ावा दे सकते हैं।
