ज्ञान और विद्या की देवी कहातीं,
लक्ष्य प्राप्ति के हैं राह दिखातीं।
भक्तों के जीवन में जो आदि, व्याधि है ,
सबका ही दमन कराय गई हैं।
ब्रह्मचारिणी मैया जी आई गई हैं,
संयम, तप, त्याग बल फैलाय गई हैं।
दयालु, शांत ,सरल मैया हैं,
अक्षमाला, कमंडल भरल मैया है।
घोर तप आचरण लाय गई है,
शिव को पति रूप पाय गई हैं।
ब्रह्मचारिणी मैया जी आई गई हैं,
संयम, तप, त्याग बल फैलाय गई हैं।
सरल व सुंदर स्वरूप लगता ,
सर पर मैया हाथ नहीं धूप लगता।
शांत, दयालु रूप दिखाय गई हैं,
ब्रह्मचारिणी मैया जी आई गई हैं।
ब्रह्मचारिणी मैया जी आई गई हैं,
संयम, तप, त्याग बल फैलाय गई हैं।
साधना शाही, वाराणसी, उत्तर प्रदेश
