
वाराणसी। केन्द्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ के अतिश सभागार में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण योजना विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा आयोजित सेवा पर्व के अंतर्गत संपन्न हुआ। मुख्य वक्ता मानस खावस (असिस्टेंट डायरेक्टर, एनएटीएस भारत सरकार) ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण योजना का मुख्य उद्देश्य नए स्नातकों और डिप्लोमा धारकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है ताकि वे उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्राप्त कर सकें। इस योजना से तकनीकी शिक्षा और उद्योग की जरूरतों के बीच का अंतर पाटा जाएगा, जिससे युवाओं के लिए अधिक रोजगार अवसर तैयार होंगे।
उन्होंने बताया कि एनएटीएस युवाओं को औपचारिक शिक्षा में अर्जित ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने का अवसर देता है। यह योजना न केवल उन्हें रोजगार योग्य बनाती है बल्कि जीवन भर उपयोगी कौशल भी प्रदान करती है। प्रशिक्षुओं को उनके कार्यक्षेत्र से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों से सीधे तौर पर लागू होने वाले कौशल हासिल होते हैं। संचालन उपकुलसचिव डॉ. हिमांशु पांडेय ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. सुनीता चंद्रा ने दिया। इस अवसर पर छात्रों के लिए क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में सहायक कुलसचिव डॉ. सुमिल तिवारी, प्रमोद सिंह, सुनील कुमार, प्रलेखन अधिकारी राजेश मिश्र, सुचिता शर्मा सहित सैकड़ों छात्र उपस्थित रहे।
