
विश्वविद्यालय में महात्मा गांधी की 159 वी जयंती मनाई गयी
वाराणसी।महापुरुषों के जीवन से हमें जीवन जीने की कला प्राप्त होती है। प्रत्येक समस्या का समाधान मिलता है। कैसे जीवन जीना है, उसका बोध होता है। महापुरूषों के जीवन के अनुभव ऐसे हैं कि उनके विचार जीवन की विपरित परिस्थितयों में भी वे हमें आगे बढ़ने के लिए सदैव प्रेरित करते हैं।
उक्त विचार संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्या विभाग में आयोजित महात्मा गाँधी जी की 156वीं जयंती समारोह हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
उक्त अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये सामाजिक विज्ञान विभाग के आचार्य एवं छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. शैलेश कुमार मिश्र ने अपना विचार व्यक्त किया।
उन्होंने ने कहा की ऐसे महापुरुषों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर वृत्तचित्र बनाया जाए तथा समय समय पर सेमिनार, संगोष्ठी आदि कर उनको याद करते रहने से नवीन पीढ़ियों को जानकारी देकर प्रेरणा मिलेगी. सदैव आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त होगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्याय विभाग के सहायक आचार्य डॉ. दुर्गेश पाठक ने कहा की शिक्षा जगत के दो शब्द बहुत प्रचलित है। एक शिक्षित होना और साक्षर होना। हर व्यक्ति जो किसी ग्रन्थ कोई पढ़ सकता है किसी विधि कोई जान सकता है वह साक्षर तो है परन्तु वह शिक्षित हो यह जरूरी नहीं है। जो समाज और अपने परम्परा के अनुकूल कोई विरुद्ध आचरण न करता हो वह व्यक्ति शिक्षित है।
महापुरुष वो होता है जो व्यक्ति शिक्षित व साक्षर के मध्य स्तम्भ के रूप में कार्य करता है और ऐसे ही महापुरुष हमारे गाँधी जी और शास्त्री जी थे जो हमारे समाज में एक मजबूत स्तम्भ के रूप में कार्य किये है।
कार्यक्रम के मुख्यवक्ता शिक्षा शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विशाखा शुक्ला ने कहा की यह समय अमृत काल का है। इस काल में जो भी कार्य करेंगे वह शुभ फल देता है। यह समय अपनी विरासत अपनी परम्परा और अपनी संस्कृति पर स्वाभिमान करने का अवसर है। अपने महापुरुषों कोई जिन्होंने देश के लिए कार्य किये है उन महापुरुषों को याद करने का समय है। इस लिए वर्ष पर्यन्त अहिल्याबाई होल्कर, महात्मा गाँधी, अटल बिहारी वाजपेयी और अन्य महापुरुषों के ऊपर विभिन्न कार्यक्रम होते रहते है ताकि हमारे छात्रों को हमारे पूर्वज जो हमारे आदर्श है उनके बारे में अधिक से अधिक जानकर अपनी विरासत व संस्कृति की रक्षा कर सके।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में मंचस्थ अतिथियों के द्वारा मां सरस्वती एवं राष्ट्रीयता महात्मा गांधी जी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन किया गया।
मंचस्थ अतिथियों का स्वागत एवं संचालन डॉ. रविशंकर पांडे ने किया।
आयोजन में उपस्थित ज़न-
डॉ. अरुण कुमार, अतिथि अध्यापक, शिवम मौर्या, विकास भारद्वाज, दुर्गेश कुमार, सम्पूर्णानंद, सर्वेश कुमार एवं छात्र, अन्य लोग उपस्थित थे।
