एमएसएमई इकाइयों से 25% खरीद का लक्ष्य, सरकार दे रही है 19 सेक्टरों में बड़े स्तर पर सब्सिडी : -स्टांप मंत्री

 

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के स्टांप एवं न्यायालय शुल्क मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के तहत स्वदेशी आंदोलन को नई गति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य “हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी” के संकल्प को साकार करना है। इसके तहत एमएसएमई इकाइयों से 25 प्रतिशत खरीददारी अनिवार्य की गई है, जिससे स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन मिल सके। मंत्री जायसवाल शुक्रवार को सर्किट हाउस सभागार में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि “भारत खुद में ही एक विशाल बाजार है। यदि हम स्वदेशी अपनाएं, तो देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिल सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में 19 विभिन्न सेक्टरों में बड़े स्तर पर सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल, लोकल फॉर वोकल के विचार को आम लोगों के बीच प्रसारित करना समय की मांग है। सरकार किसानों की आय दोगुनी करने, उद्योगों को बढ़ावा देने और युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नई शिक्षा नीति, पीएम गतिशक्ति योजना, पीएम स्वनिधि योजना, उर्वरक सब्सिडी, एमएसएमई प्रोत्साहन जैसी योजनाएँ आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ हैं।

मंत्री ने कहा कि त्योहारों के मौसम में अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सरकार ने 22 सितंबर को जीएसटी दरों में कमी की, जिससे स्वदेशी इकाइयों को भी बड़ा लाभ हुआ है। कुम्हारों को मुफ्त मिट्टी उपलब्ध कराकर परंपरागत उद्योगों को प्रोत्साहित किया गया है। उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा का उद्देश्य भारत को विश्व अर्थव्यवस्था में सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। कोविड-19 महामारी के दौरान प्रधानमंत्री ने जब यह अभियान शुरू किया, तब “आत्मनिर्भर भारत” केवल नारा नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय संकल्प बन गया।

मंत्री जायसवाल ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर ने भी आत्मनिर्भरता को व्यक्ति और राष्ट्र दोनों के संदर्भ में समझाया था। स्वतंत्रता आंदोलन के समय का स्वदेशी आंदोलन आज आधुनिक भारत के “वोकल फॉर लोकल” रूप में विकसित हुआ है। उन्होंने बताया कि एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने अभूतपूर्व कदम उठाए हैं,संकटग्रस्त इकाइयों के लिए ₹20,000 करोड़ का पैकेज

 

₹3 लाख करोड़ की आपात कार्यशील पूंजी सुविधा

 

‘चैंपियंस पोर्टल’ का शुभारंभ

 

45 दिनों में एमएसएमई बकाया भुगतान की व्यवस्था

 

50,000 करोड़ रुपये की इक्विटी इन्फ्यूजन योजना

 

उन्होंने कहा कि देश में 6 करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयाँ हैं जो GDP में 29% और निर्यात में लगभग 50% योगदान देती हैं। इस क्षेत्र में 11 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है।

 

मंत्री ने आगे बताया कि ‘मेक इन इंडिया’ नीति के तहत रक्षा, बिजली, औद्योगिक उत्पादन, और टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़े सुधार किए जा रहे हैं। रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए 101 रक्षा उपकरणों के आयात पर रोक लगाई गई है। “पीपीई किट” जैसे उत्पादों में भारत आज विश्व का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश बन गया है।

 

उन्होंने बताया कि पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से रेहड़ी-पटरी वालों को ₹10,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है ताकि वे पुनः रोजगार शुरू कर सकें। वहीं, किसानों की आय दोगुनी करने के लिए केंद्र सरकार ने 11 प्रमुख घोषणाएँ की हैं — जिनमें कृषि अवसंरचना कोष, सूक्ष्म खाद्य उद्यमों का औपचारिककरण, मछुआरों और पशुपालन के लिए पैकेज, जड़ी-बूटी खेती, और मधुमक्खी पालन प्रोत्साहन शामिल हैं। मंत्री जायसवाल ने कहा आत्मनिर्भर भारत सिर्फ आर्थिक नीति नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आंदोलन है। जब हर भारतीय स्वदेशी को अपनाएगा, तभी भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ेगा। इस अवसर पर स्थानीय अधिकारी, उद्यमी एवं पत्रकार मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *