
वाराणसी।”अपने मन को नियंत्रित करने के लिए अपने श्वासों को नियंत्रित करें..।” इस तरह की बातें सुन रविवार की सुबह वाराणसी के केंद्रीय कारागार में बंदियों के चेहरे खिल उठे। जब कारागार में लंबे समय से बंद कैदियों ने योग के महत्व को समझा और उसका अभ्यास किया तो सभी ने शारीरिक व मानसिक तौर पर अपने आप को पहले से स्वस्थ पाया। कर्मयोगी पीठ के अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध योगऋषि डॉ. राकेश पाण्डेय ने कैदियों को योगासन का अभ्यास कराया तथा इसके महत्व को साझा किया। उन्होंने कहा कि योग के अभ्यास से कारागार के बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होगा, अवसाद में कमी आयेगी, नींद में सुधार होगा और सकारात्मक दृष्टिकोण बढ़ेगा। वरिष्ठ कारागार अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्र ने कहा कि कारागार केवल सजा देने के लिए नहीं होता बल्कि इसे बंदी सुधार गृह भी कहा जाता है, इसलिए बंदियों के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह योग का कार्यक्रम आज कर्मयोगी पीठ के तत्वावधान में किया गया और आगे भी किया जाता रहेगा। पीठ के इन प्रयासों की हम सब सराहना करते हैं कि उन्होंने इस तरह का अद्भुत योग का कार्यक्रम रखा। कर्मयोगी पीठ के प्रमुख संयोजक गौरव मिश्र ने बताया कि योग के अभ्यास से बंदियों के अंदर आत्मनियंत्रण व अनुशासन बढ़ेगा। प्रभारी कारापाल अखिलेश मिश्र ने कर्मयोगी पीठ के सदस्यों को उनके प्रयासों के लिए तथा कैदियों को उनके अनुशासन के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर पीठ के संरक्षक महेंद्र पाण्डेय, राजेश मिश्र, योगेश पाण्डेय, सौरभ मिश्र व अमन चौबे आदि लोग उपस्थित रहे।
