
अन्तर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र में कार्यशाला का दूसरा दिन
वाराणसी। मंगलवार को अन्तर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केन्द्र, बीएचयू, वाराणसी में छः दिवसीय “पायलट ट्रेनिंग प्रोग्राम फॉर एजुकेटर्स टू बी एंगेज्ड ऐज़ रिसोर्स पर्सन इन एचईआईज़” कार्यक्रम के दूसरे दिन की शुरुआत प्रख्यात शिक्षाविद् प्रो. जे.बी.जी. तिलक के “एजुकेशनल पॉलिसीज़ एंड प्लानिंग” विषय पर व्याख्यान से हुई। उन्होंने भारत में शिक्षा के विकासशील परिदृश्य, नीति निर्माण की चुनौतियाँ और योजनागत रणनीतियों की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा अगले सत्र में ‘प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण’ हेतु एक प्रभावी मॉड्यूल के विकास में प्रतिभागियों को आवश्यक जानकारी प्रदान की। इस सत्र में प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण की संरचना, मूल्यांकन मानदंड और सामग्री रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया।
द्वितीय सत्र में प्रो. विनय स्वरूप मेहरोत्रा, पीएसएससीआईवीई, एनसीईआरटी, भोपाल ने “स्किल एजुकेशन एंड वोकेशनल ट्रेनिंग: इंटीग्रेशन विथ जनरल एजुकेशन” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने इसी विषय पर एक कार्यशाला का संचालन भी किया, जिसमें प्रशिक्षण मॉड्यूल के विकास पर विचार-विमर्श हुआ। इस सत्र में प्रतिभागियों ने कौशल आधारित शिक्षा को मुख्यधारा से जोड़ने की रणनीतियों पर चर्चा की। साथ ही, प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण मॉड्यूल के निर्माण हेतु आपस में गहन विचार-विमर्श किया। उन्होंने विषय की जटिलताओं को समझते हुए ठोस सुझावों के साथ सक्रिय सहभागिता दिखाई।
इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, हरियाणा, उत्तराखंड, गुजरात, तेलंगाना, ओडिशा सहित देश के 9 से अधिक राज्यों के 28 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
इस कार्यशाला के संयोजक प्रो० अजय कुमार सिंह, आईयूसीटीई और सह-संयोजक डॉ० राज सिंह, आईयूसीटीई और ज्ञानेंद्र सिंह, आईयूसीटीई हैं।
