
वाराणसी । शुक्रवार को अन्तर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केन्द्र, बीएचयू, वाराणसी में छः दिवसीय “पायलट ट्रेनिंग प्रोग्राम फॉर एजुकेटर्स टू बी एंगेज्ड ऐज़ रिसोर्स पर्सन इन एचईआईज़” कार्यक्रम के पाँचवे दिन की शुरुआत प्रो० जे.एन. बालिया, शिक्षा विभाग, जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय, जम्मू के “आउटकम बेस्ड करिकुलम डेवलपमेंट” विषय पर व्याख्यान से हुई।
उन्होंने उच्च शिक्षा में परिणाम आधारित पाठ्यक्रम निर्माण की अवधारणा, उद्देश्यों और कार्यान्वयन रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की। अगले सत्र में एक कार्यशाला का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण हेतु एक प्रभावी मॉड्यूल के निर्माण पर गहन विचार-विमर्श किया।
द्वितीय सत्र में प्रो० उमेश कुमार सिंह, समन्वयक, पर्यावरण अध्ययन केंद्र, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज ने “एनवायरनमेंटल कॉन्शसनेस एंड सस्टेनेबिलिटी” विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने पर्यावरणीय जागरुकता, सतत विकास की आवश्यकता और उच्च शिक्षा में हरित पहल की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। अगले सत्र में एक कार्यशाला के अंतर्गत प्रतिभागियों ने प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण हेतु एक प्रभावी मॉड्यूल के निर्माण पर गहन चर्चा की।
इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, हरियाणा, उत्तराखंड, गुजरात, तेलंगाना सहित देश के 9 से अधिक राज्यों के 28 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इस कार्यशाला के संयोजक प्रो० अजय कुमार सिंह, आईयूसीटीई और सह-संयोजक डॉ० राज सिंह, आईयूसीटीई और ज्ञानेंद्र सिंह, आईयूसीटीई हैं।
