
वाराणसी। शनिवार को अन्तर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केन्द्र, बीएचयू, वाराणसी छः दिवसीय “पायलट ट्रेनिंग प्रोग्राम फॉर एजुकेटर्स टू बी एंगेज्ड ऐज़ रिसोर्स पर्सन इन एचईआईज़” कार्यक्रम का समापन आई.यू.सी.टी.ई. परिसर, वाराणसी में हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ मंगलाचरण से हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. पृथ्वीश नाग, पूर्व कुलपति, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी व निदेशक, शेपा, वाराणसी, प्रो० के. पुष्पनन्दम, शैक्षिक प्रशासन विभाग, एम. एस. विश्वविद्यालय, बड़ौदा, तथा प्रो० उमेश कुमार सिंह, समन्वयक, पर्यावरण अध्ययन केंद्र, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समापन सत्र की अध्यक्षता प्रो० प्रेम नारायण सिंह, निदेशक, आईयूसीटीई, बीएचयू, वाराणसी ने की।
प्रो० आशीष श्रीवास्तव, डीन (शैक्षणिक एवं शोध), आईयूसीटीई, वाराणसी ने अथितियों का स्वागत किया। प्रो० के. पुष्पनन्दम ने संस्थागत योजना और प्रशासनिक दक्षता की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रभावी शैक्षिक प्रशासन ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आधार है। प्रो० उमेश कुमार सिंह ने पर्यावरणीय चेतना और सतत विकास पर विचार साझा करते हुए कहा कि शिक्षा प्रणाली में हरित सोच और व्यवहार को एकीकृत करना समय की मांग है। मुख्य वक्तव्य में प्रो. पृथ्वीश नाग ने कहा की शिक्षकों को स्वयं की गुणवत्ता बढाने पर काम करना चाहिये। समापन सत्र के अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो० प्रेम नारायण सिंह, निदेशक, आईयूसीटीई, बीएचयू, वाराणसी ने इस कार्यक्रम की सफल समाप्ति पर सभी प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। साथ ही सभी संकाय सदस्यों, तकनीकी सदस्यों को साधुवाद दिया। कार्यक्रम का प्रतिवेदन संयोजक प्रो. अजय कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया।
छठवें दिन की शुरुआत प्रो० आर.के. सिंह, दिल्ली स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स, दिल्ली ने “क्वालिटी रिसर्च एंड एकेडमिक राइटिंग” शीर्षक सत्र में मॉड्यूल पर विस्तृत चर्चा की। इस सत्र में सभी प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने विचार एवं सुझाव साझा किए। सत्र के दौरान हुई चर्चाओं और प्राप्त निष्कर्षों को ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स मॉड्यूल में सम्मिलित किया गया। यह सत्र शोध की गुणवत्ता एवं शैक्षणिक लेखन में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक प्रभावशाली, सार्थक और प्रेरणादायक पहल रहा। द्वितीय सत्र में प्रो० के. पुष्पनन्दम, शैक्षिक प्रशासन विभाग, एम. एस. विश्वविद्यालय, बड़ौदा ने “नेशनल एंड इंटरनेशनल सिस्टम्स ऑफ हायर एजुकेशन” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने प्रतिभागियों के साथ एक कार्यशाला का संचालन किया। इस कार्यशाला में ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स मॉड्यूल विकसित किया गया।
इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, हरियाणा, उत्तराखंड, गुजरात, तेलंगाना सहित देश के 9 से अधिक राज्यों के 28 से अधिक प्रतिभागीयों ने भाग लिया। इस कार्यशाला के संयोजक प्रो० अजय कुमार सिंह, आईयूसीटीई और सह-संयोजक डॉ० राज सिंह, आईयूसीटीई और ज्ञानेंद्र सिंह, आईयूसीटीई रहे।
