
वाराणसी । बुधवार को अन्तर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केन्द्र, बीएचयू, वाराणसी पाँच दिवसीय “पेडागॉजी, असेसमेंट एंड केस-बेस्ड टीचिंग स्किल्स इन साइंस फॉर हायर एजुकेशन” विषयक ऑनलाइन शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम के तीसरे दिन की शुरुआत डॉ० विनोद सिंह गौर, रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, मैसूर के “ सोर्सिंग एंड राइटिंग केस” विषय पर व्याख्यान से हुई। उन्होंने कहा कि वास्तविक जीवन की समस्याओं और वर्तमान शोध से केस सामग्री प्राप्त करना अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि केस स्टडीज़ के माध्यम से पढ़ाने से विद्यार्थियों को विज्ञान के गूढ़ संदर्भों को समझने में आसानी होती है।। इस सत्र ने प्रतिभागियों को अकादमिक ज्ञान को व्यावहारिक चुनौतियों से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
दूसरे सत्र में डॉ० आनंद के. ठाकुर, रांची विश्वविद्यालय, रांची ने “इंट्रोडक्शन टू केस-बेस्ड लर्निंग इन साइंस” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने केस-बेस्ड लर्निंग की कार्यप्रणाली, लाभ, और विज्ञान में इसके अनुप्रयोगों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने ने कहा कि यह पद्धति विद्यार्थियों में चिंतन और समस्या-समाधान कौशल विकसित करती है।
तीसरे सत्र में डॉ० कुशाग्री सिंह, आईयूसीटीई ने “एनाटॉमी ऑफ़ ए गुड साइंस केस” विषय पर विस्तृत चर्चा की। इस चर्चा के उपरांत प्रतिभागियों को समूहों में विभाजित किया गया, जहाँ प्रत्येक समूह ने एक उत्कृष्ट विज्ञान केस स्टडी पर आधारित प्रस्तुति दी। चौथे सत्र में “फैसिलिटेटिंग केस-बेस्ड लर्निंग” विषय पर विचार-विमर्श हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस सत्र का संचालन डॉ० राज सिंह, आईयूसीटीई ने किया।
कार्यक्रम में देश के 16 से अधिक राज्यों-उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, हरियाणा, उत्तराखंड, गुजरात, झारखंड, और महाराष्ट्र आदि से 60 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के संयोजक डॉ० ज्ञानेंद्र सिंह, आईयूसीटीई, डॉ० कुशाग्री सिंह, आईयूसीटीई, और डॉ० राज सिंह, आईयूसीटीई हैं।
