
दो दिवसीय समारोह का हुआ समापन
वाराणसी । काशी की पहचान यहां के मठ व आश्रमों से ही है । सनातन संस्कृति इन्हीं आश्रमो व मंदिरों से चलती है। सामने घाट मदरवाँ स्थित आनंदम आश्रम इन्हीं में से एक है जहां पर धार्मिक आयोजनो श्रीराम कथा श्रीमद् भागवत कथा सहित सनातन हिंदू धर्म से संबंधित विविध धार्मिक आयोजनों के लिए निशुल्क आश्रम का जगह उपलब्ध कराया जा रहा है। कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली पर सेवाश्रय अखाड़ा के तत्वावधान व आनंदम ट्रस्ट मदरवाँ के संयोजन में देव दीपावली पर आयोजित दो दिवसीय समारोह के अंतिम दिन गुरुवार को संतों महंतों को सम्मानित किया गया।
आश्रम के मैनेजिंग ट्रस्टी एवं सेवाश्रय अखाड़ा के अध्यक्ष अरविन्द त्रिपाठी ने काशी के साधु संतो को शाल एवं दक्षिणा देकर उनसे आर्शीवाद लिया । इस अवसर पर अरविन्द त्रिपाठी ने बताया कि इस आश्रम का उद्देश्य सनातन संस्कृति को बढ़ावा देने की है इसी के तहत आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा ,श्रीराम कथा सनातन संस्कृति पर शोध का कार्य चल रहा है । साथ यहां पर बटुकों को श्रीमद् भागवत कथा, राम कथा कहने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यहां पर श्रीमद् भागवत राम कथा एवं विविध धार्मिक आयोजनों के लिए निःशुल्क जगह भी उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही हर घर एक गाय का संकल्प लोगो को दिलाया जा रहा है।इस पुनीत काम में महामंडलेश्वर त्रिकालदर्शी स्वामी संतोष महाराज एवं बहुमुखी प्रतिभा के धनी कथा वाचक आचार्य दिव्यनारायण का इस अध्यात्मिक कार्य को बढ़ाने में पूर्ण सहयोग मिल रहा है । इसके पूर्व बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा पर आश्रम में विविध धार्मिक अनुष्ठान हुए भगवान विष्णु का वेद मंत्रो के साथ पूजन के साथ आश्रम में देव दीपावली भव्य रूप से मनाई गई । इस अवसर पर भंडारे का भी आयोजन हुआ ।जिसमें उपस्थित लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
