
वाराणसी। गुरुवार को अन्तर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केन्द्र, बीएचयू, वाराणसी में पाँच दिवसीय “पेडागॉजी, असेसमेंट एंड केस-बेस्ड टीचिंग स्किल्स इन साइंस फॉर हायर एजुकेशन” विषयक ऑनलाइन शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम के चौथे दिन की शुरुआत डॉ० सुधांशु कुमार झा, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज के “इंटीग्रेटिंग डिजिटल टूल्स” विषय पर व्याख्यान से हुई। उन्होंने विशेष रूप से उन डिजिटल उपकरणों पर प्रकाश डाला, जो विज्ञान तथा उच्च शिक्षा के संदर्भ में शिक्षण को और अधिक सजीव और सहभागितापूर्ण बनाते हैं। सत्र में उन्होंने सिमुलेशन टूल्स का उपयोग समझाते हुए बताया कि कैसे ये सॉफ़्टवेयर जटिल वैज्ञानिक सिद्धांतों को दृश्यात्मक और प्रयोगात्मक रूप में प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने शिक्षण के लिए गूगल क्लासरूम, पैडलेट, और माइक्रोसॉफ़्ट टीम्स जैसे प्लैटफ़ॉर्म्स की महत्ता पर भी जोर दिया। डॉ० झा ने स्पष्ट किया कि ये उपकरण न केवल शिक्षण में विविधता लाते हैं, बल्कि विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को भी गहन बनाते हैं। साथ ही, दूसरे सत्र में डॉ० झा ने इन टूल्स पर हैंड्स-ऑन गतिविधि कराया, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
तीसरे सत्र में प्रो० आशीष श्रीवास्तव, डीन (शैक्षणिक एवं अनुसंधान), आईयूसीटीई, बीएचयू ने “एथिक्स इन टीचिंग एंड असेसमेंट” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने शैक्षणिक ईमानदारी और समावेशी प्रथाओं को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया और वर्तमान शैक्षणिक परिप्रेक्ष्य में नैतिकता के महत्व को रेखांकित किया।
उन्होंने यह भी बताया कि बदलते समय में शैक्षणिक आचरण में पारदर्शिता और निष्पक्षता क्यों आवश्यक है।
चौथे सत्र में प्रो० के. विजयन, शिक्षक शिक्षा विभाग, एनसीईआरटी, नई दिल्ली ने “डिवेलपिंग अ टीचिंग रिसोर्स पोर्टफोलियो” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने एक प्रभावी शिक्षण पोर्टफोलियो तैयार करने के लिए आवश्यक तत्वों और रणनीतियों को रेखांकित किया। एक सुव्यवस्थित पोर्टफोलियो न सिर्फ़ शिक्षक की शैक्षिक क्षमता का परिचय देता है, बल्कि उसके पेशेवर विकास में भी सहायक होता है। उन्होंने प्रतिभागियों को उदाहरणों के माध्यम से पोर्टफोलियो की संरचना और उपयोगिता समझाई।
कार्यक्रम में देश के 16 से अधिक राज्यों-उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, हरियाणा, उत्तराखंड, गुजरात, झारखंड, और महाराष्ट्र आदि से 60 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के संयोजक डॉ० ज्ञानेंद्र सिंह, आईयूसीटीई, डॉ० कुशाग्री सिंह, आईयूसीटीई, और डॉ० राज सिंह, आईयूसीटीई हैं।
