वाराणसी। महर्षि दयानन्द काशी शास्त्रार्थ के 156वें स्मृति वर्ष पर दो दिवसीय शास्त्रार्थ स्मृति वैदिक महोत्सव का शुभारंभ शनिवार को आनन्द बाग, दुर्गाकुण्ड स्थित ऐतिहासिक शास्त्रार्थ स्थली पर वैदिक यज्ञ से हुआ। यज्ञ की ब्रह्मा पाणिनि कन्या महाविद्यालय की ब्रह्मचारिणी भूमिका व धरा रहीं। उनके सहयोग में अन्य ब्रह्मचारिणियों ने वैदिक मंत्रोच्चार से वातावरण को पवित्र बना दिया। यजमान के रूप में डॉक्टर श्रीमित्र व गीता रानी तथा सत्येन्द्र आर्य व अनीता आर्या उपस्थित रहे।

मुख्य वक्ता हरिद्वार से पधारे स्वामी वेदामृतानन्द सरस्वती ने वेद मंत्रों के आधार पर कहा कि परमपिता परमात्मा ही मनुष्य का सच्चा मित्र है, जो हमारी गलतियों को छुपाकर हमारे गुणों को प्रकाशित करता है। बरेली से आए पंडित भानु प्रकाश शास्त्री ने भजनोपदेश और सुमधुर भजनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम का संचालन प्रधान प्रमोद आर्य ‘आर्षेय’ ने किया तथा मंत्री रवि प्रकाश आर्य ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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