
वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी में रविवार को”मिशन शक्ति” के विशेष अभियान (फेज़-5) का उद्घाटन किया गया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने आज अपराह्न 2 बजे, योगसाधना केन्द्र में “महिला उद्यमियों की सफलता की कहानियाँ” विषय पर बतौर अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि इस अभियान का उद्देश्य नारी सुरक्षा, नारी सम्मान और नारी स्वावलंबन को बढ़ावा देना है।इसके अन्तर्गत महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहां संस्कृति और संस्कारों का गहरा महत्व है। यहां की संस्कृति में पूजा का विशेष स्थान है, जो मानवता को सही रास्ते पर लाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। नारी शक्ति इस संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पहलू है, जो पूजा, नीति, नैतिकता और सेवा के माध्यम से समाज को आगे बढ़ाने का प्रयास करती है।
नारी शक्ति सृष्टि, सृजन और सहनशिलता का आधार है। वह समाज को एक नई दिशा देने का काम करती है, जहां नैतिकता और संस्कारों का महत्व है। नारी शक्ति के बिना समाज अधूरा है, क्योंकि वह समाज को एक नई ऊर्जा और शक्ति प्रदान करती है।
नारी शक्ति के महत्व को समझने के लिए हमें उसके विभिन्न पहलुओं को देखना होगा। वह सृष्टि की रक्षा करती है, सृजन का आधार है,और सहनशिलता का प्रतीक है। वह समाज को एक नई दिशा देने का काम करती है, जहां नैतिकता और संस्कारों का महत्व है।एक नारी की शिक्षा से संपूर्ण कुटुम्ब शिक्षित होता है।वहां संस्कार स्वत: एक अच्छे विचारों के व्यक्तित्व को जन्म देता है।इससे एक अच्छे समाज का निर्माण होता है।
मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती पूजा दीक्षित, जनरल सेक्रेटरी, आर्य महिला पी. जी. कॉलेज एवं भाजपा के वरिष्ठ नेत्री ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा और स्वावलंबन बहुत जरूरी है।भारत सरकार द्वारा चलाया जा रहा “मिशन शक्ति” अभियान महिलाओं के समस्या के समाधान, सेवा, सम्मान और सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज में सम्मान दिलाना है।
श्रीमती दीक्षित ने कहा कि
प्रधानमंत्री ने लाल किले से “बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ” का अभियान शुरू किया था, जिसका उद्देश्य बेटियों को शिक्षित करना और उन्हें समाज में सम्मान दिलाना है। एक शिक्षित महिला चार परिवारों को शिक्षित करती है, और जब बेटियां आत्मनिर्भर बनेंगी तभी हमारा समाज शिक्षित और समृद्ध होगा।आज के समय में हर बेटी को आत्मनिर्भर बनना चाहिए, और जब बेटियां आत्मनिर्भर बनेंगी तभी हमारा समाज शिक्षित और समृद्ध होगा। मिशन शक्ति अभियान महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज में सम्मान दिलाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।नारी शक्ति भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पहलू है, जो समाज को आगे बढ़ाने का प्रयास करती है। वह सृष्टि, सृजन और सहनशिलता का आधार है, और समाज को एक नई दिशा देने का काम करती है। नारी शक्ति के बिना समाज अधूरा है, क्योंकि वह समाज को एक नई ऊर्जा और शक्ति प्रदान करती है।
वाचिक स्वागत विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो जितेन्द्र कुमार ने किया।
समन्वयक प्रो. विद्या कुमारी चन्द्रा, विभागाध्यक्ष, आधुनिक भाषा एवं भाषाविज्ञान विभाग ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए इस अभियान के तहत 05 दिसंबर 2025 तक विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के सम्बन्ध में विस्तार से बताते हुए कहा कि जिनमें महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर केंद्रित कई कार्यक्रम शामिल हैं।
साहित्य संस्कृति संकायाध्यक्ष प्रो दिनेश कुमार गर्ग ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
वैदिक, पौराणिक मंगलाचरण किया गया।
मंचस्थ अतिथियों के द्वारा मां सरस्वती जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन किया गया।
मंचस्थ अतिथियों का माल्यार्पण कर अंग वस्त्रम, स्मृतिचिह्न के साथ स्वागत और अभिनन्दन किया गया।
प्रो शैलेश कुमार मिश्र, प्रो दिनेश कुमार गर्ग, डॉ विशाखा शुक्ला, डॉ विजय कुमार शर्मा, तापसी विश्वास,मंजू सिंह, ममता गुप्ता एवं रघुनाथ पाल सहित विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित थे।
