वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी में आयोजित “मिशन शक्ति” के विशेष अभियान (फेज़-5) का समापन हुआ। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण विषय पर विभिन्न प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, जिनमें वाद-विवाद, चित्रकला, निबंध, स्लोगन लेखन, गीत, एवं नाटक प्रतियोगिताएँ शामिल थीं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि भारत की नारी आज नये युग की दिशा निर्धारित कर रही है।“जहाँ नारी आत्मनिर्भर है, वहाँ भारत आत्मगौरव से पूर्ण है;

जहां नारी सशक्त है, वहां संस्कृति अमर है।”

कुलपति प्रो शर्मा ने कहा कि

हमें महिला सशक्तिकरण के महत्व को समझने का अवसर प्रदान किया है। मैं सभी प्रतिभागियों को उनकी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई देता हूँ और आशा करता हूँ कि वे अपने जीवन में आगे बढ़कर समाज और देश के विकास में योगदान देंगे। मिशन शक्ति के नाम से कार्यक्रम के अन्तर्गत सभी विद्यार्थी अपने घर, पड़ोस और समाज तक इस उपलब्धि को ले जाएं,सरकार के द्वारा आज महिलाओं को एक मुकाम देकर उनके अधिकार के प्रति जागृत किया जा रहा है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. अमित कुमार शुक्ल उपस्थित रहे, जिन्होंने महिला सशक्तिकरण के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, “महिला सशक्तिकरण न केवल महिलाओं के लिए बल्कि समाज और देश के विकास के लिए भी आवश्यक है। हमें महिलाओं को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम करना होगा।”

कार्यक्रम का समन्वयक प्रो. विद्या कुमारी चन्द्रा रहीं, जिन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को अपने अधिकारों और क्षमताओं के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास है कि महिलाएँ अपने जीवन में आगे बढ़कर समाज और देश के विकास में योगदान दें।

कार्यक्रम में प्रो जितेन्द्र कुमार, डॉ विजय कुमार शर्मा, मोहित मिश्र एवं जनसम्पर्क अधिकारी शशीन्द्र मिश्र के साथ साथ छात्र-छात्राएँ और शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन आधुनिक भाषा एवं भाषाविज्ञान विभाग द्वारा किया गया था।

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