वाराणसी। कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में वाराणसी एवं विन्ध्याचल मण्डल की संयुक्त रबी उत्पादकता गोष्ठी-2025 का आयोजन “पद्म विभूषण सांस्कृतिक संकुल भवन, गिरिजा देवी चौका घाट, वाराणसी” में हुआ।

गोष्ठी में कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव उद्यान, प्रमुख सचिव सहकारिता, सचिव कृषि, कृषि निदेशक, निदेशक उद्यान, मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी वाराणसी सहित मण्डल के समस्त मुख्य विकास अधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि मंत्री एवं कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

गोष्ठी में कृषि वैज्ञानिकों ने रबी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने हेतु तकनीकी जानकारी दी। केवीके कल्लीपुर के वैज्ञानिक डॉ. मनीष पांडेय ने पालीहाउस में सब्जियों के बेमौसमी उत्पादन पर चर्चा की, वहीं डॉ. प्रतीक्षा सिंह ने मिलेट्स (ज्वार-बाजरा) की वैज्ञानिक खेती पर प्रकाश डाला।

केवीके चंदौली के डॉ. चन्दन सिंह ने तिलहन की वैज्ञानिक खेती एवं मूल्य संवर्धन की जानकारी दी। कृषि निदेशक ने किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु विभागीय समन्वय पर बल दिया। मण्डलायुक्त ने बताया कि बीज व उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित है। कृषि उत्पादन आयुक्त ने बताया कि मिलेट्स यूनिट स्थापना पर 35 से 40 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध है तथा फार्म रजिस्ट्रेशन के अंतर्गत प्रत्येक ब्लॉक को दो लाख रुपये दिए गए हैं। कृषि राज्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में तिलहन-दलहन की खेती को बढ़ावा देने हेतु निःशुल्क मिनीकिट बीज (सरसों, चना, मटर आदि) उपलब्ध कराए गए हैं, जिनकी ऑनलाइन बुकिंग के बाद वितरण किया जा रहा है। किसानों को मृदा परीक्षण, जैविक खेती एवं संतुलित उर्वरक प्रयोग हेतु प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत धान व गेहूं की फसल क्षति पर किसानों को मुआवजा चेक प्रदान किए गए —

महेन्द्र प्रताप सिंह (₹58,457), लालजी यादव (₹63,000), अनिल कुमार सिंह (₹1,06,000) एवं शशि प्रभा सिंह (₹92,000)। अंत में संयुक्त कृषि निदेशक शैलेन्द्र कुमार ने समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों व कृषकों के प्रति आभार व्यक्त किया

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