
वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय बीएचयू के कुलपति प्रो. अनिल कुमार चतुर्वेदी से साईं इंस्टिट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट के निदेशक अजय सिंह ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान रूरल वीमेन टेक्नोलॉजी पार्क को ‘रूरल टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब’ के रूप में विकसित करने पर सार्थक चर्चा हुई।
साईं इंस्टिट्यूट की ओर से कुलपति को काशी विश्वनाथ मंदिर में अर्पित फूलों से बने उत्पादों का विशेष कॉम्बो पैक, बनारस की बेटियों द्वारा तैयार पेपर क्राफ्ट बुके एवं अंगवस्त्र भेंट किए गए। यह संस्था की अवधारणा ‘आराध्य पूजा से प्रेरित, नारी शक्ति से निर्मित’ को दर्शाता है।
निदेशक अजय सिंह ने बताया कि 2018 में स्थापित प्रदेश का पहला रूरल वीमेन टेक्नोलॉजी पार्क आज पूरी तरह आत्मनिर्भर और सस्टेनेबल मॉडल बन चुका है, जहाँ महिलाओं को तकनीक, उद्यमिता, डिजिटल स्किल्स और नवाचार आधारित आजीविका से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि SIRD और BHU के विभिन्न संकायों के बीच पूर्व में कई सामाजिक व तकनीकी परियोजनाओं पर संयुक्त कार्य हुआ है। भविष्य की संभावनाओं पर सुझाव दिया कि बीएचू के सहयोग से ‘रूरल टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब’ विकसित किया जाए। ताकि विश्वविद्यालय के अनुसंधान और नवाचार का लाभ सीधे ग्रामीण महिलाओं तक पहुँच सके। कुलपति प्रो. चतुर्वेदी ने साईं इंस्टिट्यूट के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ज्ञान और तकनीक को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना बीएचयू की जिम्मेदारी है, और ऐसे संस्थानों के साथ सहयोग इसे और मजबूत करेगा। बैठक में संयुक्त अनुसंधान, इंटर्नशिप, फील्ड ट्रेनिंग, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और पायलट प्रोजेक्ट्स पर सहयोग बढ़ाने की सहमति बनी। यह भेंट पूर्वांचल में ग्रामीण महिला सशक्तिकरण और तकनीकी नवाचार के नए अध्याय की शुरुआत का संकेत बनी।
