
रिपोर्ट सन्तोष कुमार चतुर्वेदी
कैमूर। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी के जर्मन अध्ययन विभाग के शोधार्थी आलोक उपाध्याय और स्मृति उपाध्याय, अपने मार्गदर्शक डॉ. ओमप्रकाश के निर्देशन में, ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अपना शोध पत्र का प्रस्तुत करेंगे। आलोक उपाध्याय श्री मदन उपाध्याय के पुत्र हैं।
उनका शोध विषय
“सम सामयिक विषयों पर शिक्षण: जर्मन पाठों में प्रवासन, नस्लवाद और संबद्धता पर शिक्षण विधियां —
वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में अत्यंत प्रासंगिक और महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस शोध का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि जर्मन भाषा शिक्षण में प्रवासन, नस्लवाद और पहचान जैसे समसामयिक सामाजिक मुद्दों को किस प्रकार समाहित किया जा सकता है, जिससे शिक्षण केवल भाषाई ज्ञान तक सीमित न रहकर सामाजिक, सांस्कृतिक और नैतिक चेतना का भी विस्तार करे।
इस शोध के माध्यम से भाषा शिक्षण की पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़ते हुए, विद्यार्थियों में अंतर्सांस्कृतिक संवाद, सह-अस्तित्व की भावना और मानवीय संवेदनशीलता विकसित करने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया है।
डॉ. ओमप्रकाश ने अपने शोधार्थी आलोक उपाध्याय को इस अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनका शोध विषय समसामयिक शिक्षा और भाषा-अध्ययन में एक प्रेरक दिशा प्रस्तुत करता है और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संवाद को मजबूत करने में सहायक होगा।
आलोक के बड़े भाई राजेश्वर उपाध्याय, जितेन्द्र उपाध्याय एवं वंशीधर उपाध्याय ने भी उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए गर्व का पल है।
