वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में गूंजे सारगर्भित तर्क

 

वाराणसी। उदय प्रताप कॉलेज के 116वें संस्थापन समारोह के अंतर्गत तीन दिनों तक चलने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आज भव्य शुभारंभ हुआ। प्रथम दिवस हिंदी एवं अंग्रेज़ी वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी वाक्पटुता, तर्कशक्ति और बौद्धिक क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह के प्रेरणादायी संबोधन से हुआ। उन्होंने उदय प्रताप कॉलेज की 116 वर्षों की गौरवमयी यात्रा को शिक्षा, संस्कृति, शोध एवं उत्कृष्टता का शानदार उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों की तर्कशीलता, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्राचार्य ने सभी संयोजकों व प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत आयोजित हिंदी वाद-विवाद का विषय था— “कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानव की बौद्धिक क्षमता को नष्ट कर रही है।”

वहीं अंग्रेज़ी वाद-विवाद का विषय था— “Artificial Intelligence is Destroying Human Intellectual Capacity.”

दोनों प्रतियोगिताएँ पक्ष एवं विपक्ष के तीन चक्रों में संपन्न हुईं। महाविद्यालय की छह संकायों से दो-दो प्रतिभागियों ने प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत किए। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों के प्रस्तुतिकरण को अत्यंत उत्कृष्ट और सराहनीय बताया।

हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में डॉ. ऊर्जस्विता सिंह, डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह और डॉ. सुमन सिंह उपस्थित रहे।

अंग्रेज़ी वाद-विवाद में निर्णायक के रूप में डॉ. वंदना पांडेय और डॉ. अवनीश पांडेय शामिल रहे।

कार्यक्रम संयोजिका ने प्रतिभागियों के लिए नियमों का वाचन किया। प्रतियोगिता का संचालन वनस्पति विज्ञान की शोध छात्रा आकृति सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सह-संयोजक श्री अग्नि प्रकाश शर्मा ने दिया। इस अवसर पर प्रो. सुधीर कुमार राय, प्रो. संजय शाही, प्रो. सुधीर शाही, प्रो. देवेंद्र कुमार सिंह, प्रो. शशिकांत द्विवेदी, डॉ. अनिल कुमार सिंह, डॉ. अनुप कुमार सिंह, प्रो. रश्मि सिंह, प्रो. रेनू सिंह, प्रो. मधु सिंह, प्रो. अनीता सिंह, प्रो. मीरा सिंह, प्रो. प्रज्ञा सिंह, प्रो. मनोज प्रकाश त्रिपाठी, प्रो. आशुतोष कुमार गुप्ता, डॉ. देवेश चंद, श्री चंद्रशेखर प्रताप सिंह, सुश्री श्वेता सोनकर, श्री प्रताप गौतम, डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह, डॉ. शशिकांत सिंह, डॉ. चंचला सिंह सहित अनेक शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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