वाराणसी।स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण पर चर्चा करते हुए कहा कि सृष्टि रचयिता ने जब सृष्टि बनाई तो स्त्री और पुरुष दोनों की रचना की अर्थात इस सृष्टि के लिए जितना पुरुष महत्वपूर्ण है उतना ही स्त्री महत्वपूर्ण है इसी प्रकार भारत के संविधान निर्माताओं ने भी संविधान में स्त्री पुरुष दोनों के समान सम्मान एवं समानता के अधिकार को मौलिक अधिकार माना। अपने व्याख्यान को आगे बढ़ते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति, परिवार और समाज निर्माण के केन्द्र में नारी है। इसीलिए प्रधानमंत्री जी ने विकसित भारत निर्माण के लिए महिला स्वावलंबन और सम्मान की बात कही है। उन्होंने विश्व में भारत को सर्वश्रेष्ठ स्थान पर प्रतिष्ठित करने का जो संकल्प लिया है, यह तभी संभव है जब भारत का हर वर्ग, हर क्षेत्र आत्मनिर्भर और सशक्त होगा। उक्त विचार सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी में “मिशन शक्ति के विशेष अभियान (फेज-5) का आयोजन 9 नवम्बर से निरन्तर चल रहे “महिला स्वावलंबन एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी” विषय पर आयोजित कार्यक्रम बतौर मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ताएवं कुलसचिव श्री राकेश कुमार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने व्यक्त किया ।

कुलसचिव श्री राकेश कुमार ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में भारत विकास की नई करवट ले रहा है। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में अग्रणी बनाने के लिए ज्ञान (GYAN) के सम्मान का मंत्र दिया है। इसके अंतर्गत गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है। विकास के आधार स्तम्भ में से एक, महिलाओं के समग्र सामाजिक- आर्थिक विकास और विमेन लीड डेवलपमेंट के प्रयास को समन्वित रूप से लागू करने के लिए देश में पहली बार मिशन शक्ति कार्यक्रम शुरू किया गया है। मिशन के प्रमुख उद्देश्यों में महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक विकास, सुरक्षा, विभिन्न शासकीय सेवाओं की पहुँच में सुनिश्चितता, महिलाओं के आर्थिक स्वावलम्बन और समाज में आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए एकीकृत प्रयास शामिल हैं। नारी शक्ति मिशन के तहत बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य, लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, लखपति दीदी योजना, महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण आदि कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किये जा रहे हैं।भारतीय जीवनशैली में महिलाओं की भूमिका सदैव अग्रणी रही है। हम जितने अधिक अवसर बहन-बेटियों को देंगे, सुविधाएँ देंगे तो वे समाज को कई गुना लौटाकर देंगी। महिला शक्ति से देश नई ऊँचाई तक पहुँच सकता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। समय के साथ शिक्षा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में उनकी भूमिका बढ़ रही है। श्री मोदी जी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया जिससे महिलाओं की भूमिका न केवल परिवार और समाज के विकास में अग्रणी रहे, अपितु विकसित भारत अभियान में भी उनकी सहभागिता हो। प्रधानमंत्री जी ने आवास, उज्ज्वला, आयुष्मान, मातृ वंदना, महिला स्व-रोज़गार, सुकन्या समृद्धि आदि योजनाओं की श्रृंखला से महिलाओं के समग्र विकास को सुनिश्चित किया है। मेरा मानना है कि नारी का गौरव राष्ट्र के सपने पूरे करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।

मिशन शक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत आधुनिक भाषा एवं भाषाविज्ञान सभागार में प्रोफेसर जितेंद्र शाही चीफ प्रॉक्टर, प्रोफेसर महेंद्र पांडेय, अध्यक्ष वेद विभाग , डॉ शशीन्द्र मिश्र कार्यक्रम में अपने उद्बोधन में महिलाओं की स्वावलंबन संबंधित सरकारी योजनाओं पर चर्चा की ।

कार्यक्रम का संचालन डा० सुमिता अध्यापिका आधुनिक भाषा एवं भाषाविज्ञान विभाग द्वारा किया गया

धन्यवाद ज्ञापन मिशन शक्ति की कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर विद्या चंद्रा विभागाध्यक्ष आधुनिक भाषा एवं भाषाविज्ञान विभाग ने किया।

वैदिक, पौराणिक मंगलाचरण के पश्चात्,मंचस्थ अतिथियों ने दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण मां सरस्वती की प्रतिमा पर किया।

उक्त कार्यक्रम में शिक्षक, विद्यार्थियों ने सहभाग किया।

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