वाराणसी। अपना घर आश्रम की रेस्क्यू एवं पुनर्वास टीम ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए विनोद भारती को छह वर्ष पूर्व कैंट स्टेशन से दयनीय अवस्था में रेस्क्यू कर आश्रम में सुरक्षित जीवन दिया था। उस समय उनके पैरों की हड्डियां टूटी थीं, घावों में कीड़े पड़े थे और हालत अत्यंत गंभीर थी। आश्रम में निरंतर चिकित्सा, देखभाल और सेवा के चलते उनकी सेहत में उल्लेखनीय सुधार हुआ। स्वास्थ्य बेहतर होने के बाद विनोद भारती बार-बार अपने परिजनों के पास जाने की इच्छा व्यक्त कर रहे थे। उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए आश्रम की पुनर्वास टीम की सदस्य पूजा श्रीवास्तव ने आश्रम एंबुलेंस से उन्हें उनके बताए पते तरना, शिवपुर क्षेत्र पहुंचाया। जहां उनकी बहन रहती है। हालांकि विनोद भारती अपनी बहन के घर रहने की इच्छा लेकर पहुंचे थे, लेकिन मौजूद किसी भी परिजन ने उन्हें अपने साथ रखने की सहमति नहीं दी। अंततः आश्रम की टीम ने परिस्थिति को समझते हुए उन्हें वापस आश्रम ले जाने की व्यवस्था की। मानवता, सेवा और संवेदनशीलता के इस प्रयास ने एक बार फिर साबित किया कि अपना घर आश्रम समाज के जरूरतमंदों के लिए वास्तविक सहारा है।

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