
वाराणसी। केन्द्रीय कारागार का त्रैमासिक संयुक्त निरीक्षण जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंदौली दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी, जिला मजिस्ट्रेट चंद्रमोहन गर्ग, पुलिस अधीक्षक आदित्य लाम्हे, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) विकास वर्मा तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चंदौली) इसरत परवीन फारूखी द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ जेल अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्र ने सभी अधिकारियों का स्वागत करते हुए कारागार की विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण कराया। निरीक्षण दल ने सबसे पहले कारागार में संचालित लौह एवं काष्ठ उद्योग का अवलोकन किया, जहां बंदियों द्वारा निर्मित फर्नीचर, थाली, मग सहित अन्य उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना की गई। इसके पश्चात कारागार अस्पताल का निरीक्षण कर भर्ती बंदियों से संवाद किया गया तथा उपचार व्यवस्था, साफ-सफाई एवं उपलब्ध चिकित्सीय उपकरणों की जानकारी ली गई। इसके बाद अधिकारियों ने चक्र संख्या-04 में संचालित बेकरी उद्योग का भ्रमण किया। यहां तैयार किए जा रहे बिस्कुट एवं पावरोटी (बन) की गुणवत्ता देखकर निरीक्षणकर्ताओं ने संतोष व्यक्त किया। निरीक्षण के उपरांत सभी अधिकारियों ने कारागार की स्वच्छता, बंदियों के रहन-सहन, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया तथा कारागार प्रशासन के कार्यों की प्रशंसा की।
इस अवसर पर वरिष्ठ अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्र, वरिष्ठ चिकित्सीय परामर्शदाता लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, जेलर अखिलेश कुमार, डिप्टी जेलर अखिलेश कुमार मिश्र, अमित कुमार वर्मा, अशोक कुमार राय, किशन सिंह वाल्दिया, राजा बाबू, अयोध्या प्रसाद, फार्मासिस्ट संदीप खरे सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
