
वाराणसी। जिला समाजवादी पार्टी कार्यालय अर्दली बाजार में मंगलवार को देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनके जीवन, विचारों और किसान हितैषी नीतियों पर केंद्रित एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने चौधरी चरण सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अध्यक्षता करते हुए जिला महासचिव आनंद मौर्या ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ‘किसानों के मसीहा’ थे और उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन गांव, गरीब और किसानों के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया। उनका स्पष्ट मानना था कि भारत की खुशहाली का रास्ता खेतों और खलिहानों से होकर गुजरता है। उन्होंने ग्रामीण समाज को सशक्त बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए।
संचालन करते हुए जिला प्रवक्ता संतोष यादव बबलू एडवोकेट ने कहा कि चौधरी चरण सिंह को किसान हितों के प्रबल पक्षधर नेता के रूप में जाना जाता है। उनका विश्वास था कि असली भारत गांवों में बसता है और देश की समृद्धि ग्रामीण विकास व कृषि की मजबूती से ही संभव है। उन्होंने ‘जमींदारी उन्मूलन’ जैसे ऐतिहासिक सुधारों के साथ-साथ ‘भारत की गरीबी और उसका समाधान’ जैसी पुस्तकों के माध्यम से भारतीय अर्थव्यवस्था और ग्रामीण समस्याओं पर गहन विचार प्रस्तुत किए। विचार गोष्ठी में डॉ. उमाशंकर सिंह यादव, डॉ. नंदलाल कन्नौजिया, गोपाल पाण्डेय, रामकुमार यादव, धर्मवीर पटेल, रामसिंह भारद्वाज, प्रभुनारायण सिंह, सचिन प्रजापति, हीरू यादव, डॉ. कुलदीप कुमार, राजेंद्र प्रसाद, अयाज खान, किशन सोनकर,विजय टाटा, विनोद शुक्ला आदि ने विचार व्यक्त किए।
