साहित्यकार पंडित हरिराम द्विवेदी को मिले पद्म पुरस्कार -डॉक्टर के के त्रिपाठी

 

साहित्यकार स्वर्गीय पंडित हरिराम द्विवेदी की द्वितीय पुण्यतिथि

 

वाराणसी। देश के ख्यातिलब्ध साहित्यकार स्वर्गीय पंडित हरिराम द्विवेदी जी की द्वितीय पुण्यतिथि महमूरगंज स्थित मोती झील में गुरुवार को पंडित हरिराम द्विवेदी भोजपुरी साहित्य शोध न्यास के तत्वाधान में मनाई गई।

समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी विशिष्ट अतिथि पद्मश्री लोक गायिका उर्मिला श्रीवास्तव लोक गायक प्रोफेसर रामनारायण तिवारी व समारोह की अध्यक्षता कर रहे हैं पद्मश्री डॉक्टर कमलाकर त्रिपाठी ने स्वर्गीय साहित्यकार डॉ हरिराम द्विवेदी जी के चित्र पर पुष्प गुच्छ चढाकर एवं दीप प्रज्वलन करके किया।

इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह एवं पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम मे अतिथियों प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी ने लोक गायिका पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव तथा समारोह के अध्यक्षता कर रहे पद्मश्री डॉक्टर कमलाकर त्रिपाठी ने लोक गायक प्रोफेसर रामनारायण तिवारी व लोक गायक दुर्गेश उपाध्याय को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया। साथ ही लोक भूषण सम्मान से सम्मानित साहित्यकार डॉ जयप्रकाश मिश्रा की पुस्तक धनुष यज्ञ का विमोचन मुख्य अतिथि प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी, डॉक्टर कमलाकर त्रिपाठी व आई टी बीएचयू के पूर्व निदेशक एसएन उपाध्याय संयुक्त रूप से किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि भोजपुरी भाषा 26 देश में बोली जाती है और यह सबसे मीठी भाषा है जो दिलों से दिलों को जोड़ती है । इस पर शोध होना चाहिए और साहित्यकार स्वर्गीय पंडित हरिराम द्विवेदी जी के साहित्य का डिजिटलाइजेशन होना चाहिए। इसको वेबसाइट पर रखा जाए जिससे हमारे युवा पीढ़ी उनके बारे में जान सके समझ सके। पंडित हरिराम द्विवेदी ने साहित्य को भोजपुरी साहित्य में बहुत काम किया है और उसे पर शोध के लिए महात्मा गांधी किस काशी विद्यापीठ में भोजपुरी अध्ययन केंद्र भी बनाया गया है। वही विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर एस एन उपाध्याय ने कहा कि पंडित हरिराम द्विवेदी ने अपने साहित्य को माध्यम से समाज को बहुत कुछ दिया है उनके द्वारा गंगा पर लिखे गए गीत मां गंगा को प्रदूषण मुक्त करने में एक अहम योगदान दे हो रहा है। साथ ही उन्होंने भोजपुरी के माध्यम से सनातन संस्कृति को जीवंत किया है । समारोह की अध्यक्षता करते हुए पद्मश्री डॉक्टर कमलाकर त्रिपाठी ने कहा कि पंडित हरिराम द्विवेदी जी को पद्म पुरस्कार मिलना चाहिए क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में साहित्य के माध्यम से समाज को बहुत कुछ दिया है।

समारोह के सारस्वत अतिथि बसंत कन्या महाविद्यालय की हिंदी विवाह अध्यक्ष प्रोफेसर आशा यादव व एवं गाजीपुर राजकीय महिला महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर सविता भारद्वाज थी ।

अतिथियों का स्वागत संस्था के सचिव अरुण कुमार द्विवेदी एवं कोषाध्यक्ष राजेश कुमार द्विवेदी ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर राम सुधार सिंह ने किया तथा धन्यवाद संस्था के अध्यक्ष रामानंद तिवारी ने किया।

इस अवसर पर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के चीफ प्राकटर केके सिंह, समाजसेवी रामयश मिश्रा नागेश जी, विनय कुमार मिश्रा गौतम अरोड़ा शाहिद काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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