वाराणसी। अंतर्राष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान, दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (आइसार्क), वाराणसी समय-समय पर किसानों, वैज्ञानिकों, कृषि विस्तार से जुड़े पेशेवरों और युवा पीढ़ी के लिए शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन करता है। इसका उद्देश्य आधुनिक कृषि के प्रति जागरूकता बढ़ाना और युवाओं को इस क्षेत्र से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है। इन भ्रमण के माध्यम से प्रतिभागियों को कृषि की बुनियादी जानकारी, धान-आधारित खेती में नई तकनीकों, जलवायु-सुदृढ़ तरीकों और विज्ञान-आधारित समाधानों से परिचित कराया जाता है। इस कार्यक्रम में परस्पर संवाद और आइसार्क की आधुनिक सुविधाओं के मार्गदर्शित भ्रमण के जरिए खाद्य प्रणाली और किसानों की आजीविका को मजबूत करने वाले उपायों की जानकारी दी जाती है।

इसी कड़ी में शुक्रवार को आइसार्क ने सनबीम स्कूल, अन्नपूर्णा, वाराणसी के 135 से अधिक छात्रों के लिए एक शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया। इस दौरान छात्रों ने आइसार्क के खेतों और प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया और कृषि विज्ञान व नवाचार के व्यावहारिक उपयोगों को नज़दीक से देखा। आइसार्क के निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कृषि अनुसंधान और नवाचार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने आत्मविश्वास, निरंतर सीखने और वैश्विक दृष्टिकोण के महत्व को समझाया और कृषि में विज्ञान-आधारित समाधानों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। छात्रों ने चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लिया और कृषि अनुसंधान के वास्तविक उपयोगों को लेकर गहरी रुचि दिखाई। यह भ्रमण छात्रों के लिए एक सार्थक शैक्षिक अनुभव रहा, जिसने कक्षा में सीखी गई बातों को व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ा। इस पहल ने विद्यार्थियों को कृषि को एक महत्वपूर्ण, नवोन्मेषी और भविष्य-उन्मुख क्षेत्र के रूप में देखने के लिए प्रेरित किया। आइसार्क आगे भी शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर युवाओं में टिकाऊ कृषि के प्रति जागरूकता बढ़ाता रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *