रिपोर्ट:- संतोष कुमार चतुर्वेदी

 

बिहार। कैमुर,​वसंत ऋतु के आगमन और विद्या की देवी मां सरस्वती के पूजन के शुभ अवसर पर भभुआ स्थित लिच्छवी भवन में ‘वसंत पंचमी महोत्सव 2026’ का भव्य आयोजन किया गया।

​महोत्सव का शुभारंभ जिला पदाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक कैमूर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस गरिमामयी अवसर पर अपर समाहर्ता, नजारत उप समाहर्ता, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सहित जिले के कई अधिकारी और शहर के गणमान्य व्यक्तित्व मौजूद रहे।

​कार्यक्रम की शुरुआत कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण सरस्वती वंदना से हुई। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी ने कहा कि

​”बसंत पंचमी का महत्व केवल परीक्षाओं या विद्या अर्जन तक सीमित नहीं है। यह पर्व हमें ज्ञान के साथ-साथ विनम्र होने का संदेश देता है। हमारी लोक परंपराओं और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में रचे-बसे इन आयोजनों को नई पीढ़ी के लिए संजो कर रखना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।”

​उद्घाटन सत्र के बाद आयोजित ‘संगीत संध्या’ में जिले के लगभग 150 कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

​-भभुआ के मनिहारी-कम्हारी विद्यालय की छात्राओं ने लोकगीत पेश किए, वहीं रामगढ़ के नोनार विद्यालय के छात्रों ने ‘झाँसी की रानी’ थीम पर आधारित साहसी लोकनृत्य प्रस्तुत किया।

-रामपुर प्रखंड के पसाई विद्यालय के बच्चों ने ‘सुंदर सुभूमि हमारा है’ गीत पर सामूहिक नृत्य कर देश की विविधता में एकता का संदेश दिया।

​-भभुआ के महेसुआ विद्यालय के छात्र साहिल मियां ने ‘आया करे जरा कह दो सावरिया से’ कृष्ण भजन की सुंदर प्रस्तुति दी। इसके अलावा, मोहनियाँ की आदिस्वरूपा मौर्या ने सितार वादन के जरिए अपनी कला का प्रदर्शन किया।

​इस महोत्सव में भभुआ, मोहनियाँ, रामगढ़, चैनपुर और रामपुर जैसे विभिन्न प्रखंडों के विद्यालयों ने भाग लिया। कक्षा 4 से लेकर कक्षा 12 तक के छात्रों ने अपनी प्रतिभा दिखाई, जिसमें कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय की छात्राओं ने देशभक्ति गीतों से समां बांध दिया।

जिला प्रशासन द्वारा सभी प्रतिभागी कलाकारों को उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए सम्मानित भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को एक बड़ा मंच प्रदान करना और विलुप्त होती लोक कलाओं को बढ़ावा देना है।

​​कार्यक्रम के अंत में +2 उच्च विद्यालय भभुआ के छात्रों द्वारा पारंपरिक होली गीत भी प्रस्तुत किए गए। कलाकारों की टोली ने जब ‘फगुआ’ की तान छेड़ी, तो पूरा लिच्छवी भवन उत्सव के रंग में सराबोर हो गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *