
चंदा साहित्य परिषद के एक शाम शहिदों के नाम आयोजन में कवियों ने काव्यपाठ कर सैनिकों को समर्पित किया

वाराणसी ।चंद्रा साहित्य परिषद (ट्रस्ट) द्वारा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित “संगीत,काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह -2026 ” के अवसर पर देश भक्ति गीत- संगीत एवं भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ I
प्रथम सत्र में दीप प्रज्ज्वलन के बाद
राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर राम नरेश “नरेश”,मुख्य अतिथि-श्रीमती संध्या श्रीवास्तव,अध्यक्ष- श्री दिनेश चंद्रा,
विशिष्ट अतिथि -डॉ.महेंद्र नाथ तिवारी अलंकार ,भुलक्कड़ बनारसी,दीपक दबंग और मीडिया प्रभारी डॉ. कैलाश सिंह विकास के द्वारा सभी साहित्यकारों/पत्रकारों को अंगवस्त्रम्, प्रशस्ति पत्र और माला पहना कर अभिनंदन करते हुए सुप्रसिद्ध लोक गायक श्री विभूति नारायण सिंह,पूर्व उप महाप्रबंधक (एनटीपीसी)लिमिटेड को उनके लोकगीत जगत में उत्कृष्ट साहित्यिक सेवाओं के लिए चंद्रा साहित्य परिषद (ट्रस्ट) द्वारा दिये जाने वाले संस्था के सर्वोच्च सम्मान “चंद्रा संगीत शिरोमणि” सम्मान- 2026 से विभूषित कियाI
द्वितीय सत्र में प्रख्यात मंच संचालक और देश भक्ति, वीर रस- शृंगार रस की कविताओं के शब्द शिल्पी श्री नाथ सोनांचली जी के शानदार संचालन में वाणी वंदना और विभूति नारायण सिंह के देश भक्ति लोक गीतों के माध्यम से भारतीय वीर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया I संस्था की संस्थापक स्मृति शेष चंद्रावती नरेश के चित्र पर माल्यार्पण सभी कवियों/कवियित्रियों द्वारा वीर रस से ओत- प्रोत कविताओं का सस्वर पाठ किया गया। जिसमें कवियत्री संध्या श्रीवास्तव के “बहुत ही आसान है बुद्ध होना”, परमहंस तिवारी ‘परम‘ ने “सैनिकों के नाम एक दीपक जलाना चाहिये”, गायक विभूति नारायण सिंह द्वारा भोजपुरी गीत – “ई आज़ादी रोज -रोज कुर्बानी मांगे ला”, राम नरेश “नरेश” – “उन शहीदों को श्रद्धा सुमन चढ़ाना है” , सीताराम राय “विक्रान्त “-“वतन तेरी खातिर कफ़न चूम लेंगे” , डॉ. छोटेलाल सिंह मनमीत- “हिन्द की आबरू हिन्द की शान है ये तिरंगा, “संध्या मौर्या ” वतन की शान में कुर्वानियों की हो इबादत” संतोष प्रीत -“हम तिरंगे का मान रखते है। आन बान और शान रखते हैं,” गीत की सुप्रसिद्ध कवयत्री साधना शाही- “आज करलें नमन, अपने वीरों को हम” दीपक दबंग – “हौसलों से माला माल मिलेंगे,मां भारती के लाल मिलेंगे”, गिरीश पाण्डेय काशिकेय -” हाथ में थामे तिरंगा हम देश पर क़ुर्बान हैं ” डॉ०शिव प्रकाश साहित्य- “हिन्द जुबाँ पर लाना हिन्दुस्तान बना मैं तुम्हें मिलूँगा”आनन्द कृष्ण मासूम -“बलिदानों की धरती है,यह केसरिया रंग हमारा है”, डॉ.जगदीश नारायण गुप्त- “करूँ वंदना आरती,नमन करूँ माँ भारती” की कविताओं ने “एक शाम शहीदों के नाम “काव्य गोष्ठी को शिर्षता प्रदान किया I
इन कवियों के साथ ही अन्य कवियों में,डॉ. महेंद्र नाथ तिवारी अलंकार , भुलक्कड़ बनारसी,अशोक प्रियदर्शी, मधुलिका राय, अखलाक भारतीय, अतुल श्रीवास्तव, राम जतन पाल,आलोक बेताब, अतुल श्रीवास्तव, सिद्ध नाथ शर्मा सिद्ध, संतोष प्रीत और अन्य ख्याति लब्ध कवियों की रचनाओं से काव्य गोष्ठी की नई ऊंचाई मिली I
वरिष्ठ पत्रकार डॉ. कैलाश सिंह विकास और आनंद कुमार सिंह अन्ना जी का विशेष सहयोग रहा। सहयोग की कवियों द्वारा सराहना की गई I संस्था के वरिष्ठ सदस्य सम्मानित श्रोता अतिथियों में श्री सी.एल विश्वकर्मा, अशोक कुमार और चंद्र सेन भारतीय जी की गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की भव्यता में चार चाँद लग गया I
श्री दिनेश चंद्रा जी ने जहाँ अपनी रचना के माध्यम से देश के प्रति प्रेम को समर्पित भाव से अपने आचरण और व्यवहार में लाने के लिये आज के युवा पीढ़ी को संदेश दिया ,वहीं चंद्रा साहित्य परिषद (ट्रस्ट) को साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्र में निरंतर बढ़ते कदम के लिये संस्था की संस्थापक स्मृति शेष चंद्रावती नरेश के प्रति हृदय से कृतज्ञता व्यक्त किया I
चंदा साहित्य परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष कवि इंजीनियर राम नरेश “नरेश” द्वारा आये हुए अतिथियों,
कवियों और पत्रकारों के प्रति आभार तथा मीडिया प्रभारी डॉ. कैलाश सिंह विकास के धन्यवाद ज्ञापन से गोष्ठी का समापन हुआ I
