
वाराणसी।वसंत कन्या महाविद्यालय कमच्छा वाराणसी में मंगलवार को मान्यवर मोहे द्वारा प्रायोजित युवा सांस्कृतिक महोत्सव सर्जना 2025-26 के अंतर्गत दूसरे दिन काव्य पाठ डाक्यूमेन्ट्री, मेंहदी, जीरो वेस्ट व वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
प्रकृति विषय पर आधारित काव्य पाठ प्रतियोगिता ने श्रोताओं को प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टि प्रदान की। कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव के मार्गदर्शन एवं प्रबंधक श्रीमती उमा भट्टाचार्य के संरक्षण में संपन्न हुआ।
सर्जना की संयोजक के रूप में प्रो.आरती कुमारी और डॉ सरोज उपाध्याय और काव्य पाठ के संयोजक के रूप में डॉ. पूर्णिमा] डॉ. मंजू कुमारी एवं डॉ. शुभागी श्रीवास्तव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निर्णायक गण में माननीय अतिथि प्रो. आशा यादव ,डॉ ओ. पी. दूबे] डॉ. शांता चटर्जी एवं डॉ. सुप्रिया सिंह सम्मिलित रहे।
प्रतियोगिता में कुल 55 छात्राओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने हिंदी] अंग्रेज़ी एवं संस्कृत भाषाओं में प्रकृति पर आधारित कविताओं का भावपूर्ण पाठ किया। वाद विवाद प्रतियोगिता का विषय डिजिटल विश्व:प्रगति का साधन या मानवीय संबंधों के लिए खतरा”था। इस विषय पर प्रतिभागियों ने संतुलित एवं प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने जहां एक ओर तकनीकी विकास के लाभों पर प्रकाश डाला] वहीं दूसरी ओर मानवीय संबंधों पर इसके प्रभाव को लेकर अपनी चिंताएं भी व्यक्त कीं। इस प्रतियोगिता में कुल 59 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम प्रभारी डॉ. शशिकेश के. गोंड एवं डॉ. आरती चौधरी के मार्गदर्शन में किया गया।
प्रतियोगिता का निर्णायक मंडल डॉ. विजय कुमार, डॉ. आशीष कुमार सोनकर एवं प्रो. निहारिका लाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, आलोचनात्मक चिंतन तथा सार्वजनिक भाषण कौशल के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसी कड़ी में महाविद्यालय परिसर में आज जीरो वेस्ट अपशिष्ट अनुप्रयोग विषय पर एक विशेष रचनात्मक कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम की संयोजक डॉ. दीक्षा जायसवाल और डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव रहीं जिनके कुशल मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण और सृजनशीलता का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और वसुधैव कुटुंबकम की भावना से प्रेरित इस आयोजन ने सभी में कम अपशिष्ट अधिक सृजन का संदेश प्रभावी रूप से प्रसारित किया। इसी क्रम में मेहंदी प्रतियोगिता आयोजित की गई ।इस प्रतियोगिता में छात्राओं ने ऑन-द- स्पॉट मेहंदी डिज़ाइन बनाकर अपनी कला का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की संयोजक डॉ. सौमिली मंडल रहीं। प्रतिभागियों ने स्वयं लाए मेहंदी कोन से निर्धारित एक घंटे में सुंदर डिज़ाइन प्रस्तुत किए। निर्णायक मण्डल की भूमिका में प्रो. ममता मिश्रा] डॉ. शशि प्रभा कश्यप एवं डॉ. प्रतिभा यादव की उपस्थिति रही।
यादों के झरोखे विषय पर डाक्यूमेन्ट्री प्रतियोगिता आयोजित की जिसमें टीमों ने मोबाइल या कैमरा द्वारा 15 – 20 मिनट की डॉक्यूमेंट्री तैयार कर प्रस्तुत किया। संयोजक डॉ. सौमिली मंडल और श्री एच. अम्बरीश रहे तथा निर्णायक मण्डल में प्रो. पूनम पाण्डेय] डॉ. शशिकला एवं सुश्री सिमरन सेठ उपस्थिति रही। छात्राओं ने अपनी रचनात्मक दृष्टि से विभिन्न सामाजिक] सांस्कृतिक और स्मरणीय विषयों पर प्रभावशाली लघु फ़िल्में प्रस्तुत कीं। वीडियो प्रस्तुति में तकनीकी कौशल] कहानी कहने की शैली] संपादन और भावनात्मक अभिव्यक्ति का बेहतरीन मेल देखने को मिला।
