वाराणसी।सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी में शुक्रवार को सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेवा एवं परामर्श कंपनी टीसीएस (TCS) तथा विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में गैर-तकनीकी क्षेत्र के छात्रों के लिए Bharat Yuvai Hackathon कार्यशाला का उद्घाटन किया गया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान युग कृत्रिम बुद्धिमत्ता का युग है, जिसमें तकनीक और संस्कार का समन्वय अत्यंत आवश्यक है। गैर-तकनीकी विषयों के विद्यार्थियों के लिए भी AI का ज्ञान समय की मांग है। ऐसी कार्यशालाएं विद्यार्थियों को नवाचार, आत्मनिर्भरता एवं रोजगारपरक कौशल से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि AI का सकारात्मक, नैतिक एवं रचनात्मक उपयोग राष्ट्र निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।

इस दो दिवसीय कार्यशाला में टीसीएस कंपनी की ओर से क्षेत्रीय प्रमुख श्री संदीप जोशी एवं तकनीकी विशेषज्ञ अंकित तथा उनकी टीम द्वारा विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विशेषज्ञों ने AI को लेकर प्रचलित भ्रांतियों का निवारण करते हुए बताया कि यह केवल तकनीकी विशेषज्ञों तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन भी इसका प्रभावी उपयोग कर सकते हैं।

कार्यशाला के दौरान छात्रों को AI के माध्यम से एप एवं वेबसाइट निर्माण, डिजिटल नवाचार तथा दैनिक जीवन में AI को समाहित कर जीवनशैली को बेहतर बनाने के तरीकों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण सत्रों में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

विश्वविद्यालय की ओर से कार्यशाला के समन्वय हेतु डॉ. विजेन्द्र कुमार आर्य, सहायक आचार्य, व्याकरण विभाग एवं श्री मोहित मिश्र, सिस्टम एनालिस्ट तथा विश्वविद्यालय की तकनीकी टीम द्वारा छात्रों को निरंतर सहयोग प्रदान किया गया।

टीसीएस की ओर से श्री मयंक सिंह, श्री लक्ष्मण सिंह नेगी, श्री राजेश कुमावत, श्री राजेन्द्र कुमार एवं श्री अमन पाण्डा द्वारा भी विद्यार्थियों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराया गया।

इस कार्यक्रम में छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष एवं छात्र कल्याण कार्यालय के श्री उपेन्द्र द्विवेदी तथा कार्यालय के समस्त सहयोगी कार्मिकों का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।

इस दो दिवसीय कार्यशाला में कुल 50 विद्यार्थियों ने दो सत्रों में सहभाग कर आधुनिक तकनीकी ज्ञान अर्जित किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य गैर-तकनीकी पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को AI के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराकर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाना रहा।

नोडल अधिकारी डॉ विजेन्द्र कुमार आर्य ने कार्यक्रम की सफलता पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने आयोजकों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं प्रदान कीं।

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