
संविधान, समानता और न्याय के मूल्यों का संरक्षण आवश्यक:-न्यायमूर्ति बी आर गवाई
नई दिल्ली।देश के महान किसान- मजदूर नेता एवं राष्ट्रचेतना के अग्रदूत स्वामी सहजानन्द सरस्वती जी की पावन जयंती के अवसर पर 12 फरवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के सभागार में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में विद्वानों, समाजसेवियों एवं जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
समारोह में परम पूज्य स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी जी, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के पूर्व मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति बी. आर. गवई जी, केंद्रीय मंत्री माननीय श्री गिरिराज सिंह जी, केंद्रीय राज्य मंत्री माननीय डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद जी तथा सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा जी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
अपने उद्बोधन में कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा जी ने कहा कि स्वामी सहजानन्द सरस्वती जी ने किसान और श्रमिक समाज को आत्मसम्मान, संगठन और संघर्ष की शक्ति प्रदान की। उनके विचार आज भी युवा पीढ़ी को सामाजिक न्याय और राष्ट्रसेवा की दिशा में प्रेरित करते हैं।
केंद्रीय मंत्री श्री गिरिराज सिंह जी ने स्वामी जी के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने किसानों को अधिकारों के प्रति जागरूक किया और उन्हें संगठित कर देश की मुख्यधारा से जोड़ा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी स्वामी जी के विचार ग्रामीण भारत के विकास का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
पूर्व मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति बी. आर. गवई जी ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी सहजानन्द सरस्वती जी का जीवन संविधानिक मूल्यों, समानता और सामाजिक न्याय का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि न्याय और अधिकार की भावना को जन-जन तक पहुँचाने में स्वामी जी की भूमिका ऐतिहासिक रही है।
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद जी ने कहा कि स्वामी सहजानन्द सरस्वती जी ने वंचित और पिछड़े वर्गों को आवाज देने का कार्य किया। उनका संघर्ष आज भी समाज के कमजोर वर्गों के लिए प्रेरणास्रोत है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ता द्वारा स्वामी सहजानन्द सरस्वती जी के संघर्षपूर्ण जीवन, किसान–मजदूर हितों के लिए किए गए कार्यों तथा राष्ट्रनिर्माण में उनके अमूल्य योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उपस्थित जनसमूह ने उनके चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।
समारोह के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए आयोजक मंडल तथा ‘युवा चेतना’ के राष्ट्रीय संयोजक श्री रोहित सिंह जी की भूरी-भूरी प्रशंसा की गई तथा उन्हें हार्दिक अभिनन्दन एवं आभार व्यक्त किया गया।
