
वाराणसी। जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इन सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन करने हेतु भारत सरकार द्वारा गठित चिकित्सकों की टीम ने शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चौकाघाट का विस्तृत मूल्यांकन किया। इस मूल्यांकन में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शहरी सीएचसी चौकाघाट ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्वास) प्रमाणपत्र हासिल किया है। इसके साथ ही यह प्रदेश की एनक्वास प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाली प्रथम शहरी सीएचसी बन गई है। यह जानकारी चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. फाल्गुनी गुप्ता ने दी।
उन्होंने बताया कि दो सदस्यीय टीम द्वारा अस्पताल का गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ओपीडी, लैब, प्रसव कक्ष, ऑक्सिलरी सर्विसेज, जनरल एडमिनिस्ट्रेशन, हाउसकीपिंग एवं बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट सहित सभी प्रमुख विभागों का सूक्ष्म मूल्यांकन किया गया। टीम ने अस्पताल में उपलब्ध दस्तावेजों की गुणवत्ता, स्टाफ प्रशिक्षण, रखरखाव व्यवस्था तथा मरीजों को दी जा रही सेवाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्हें उत्कृष्ट बताया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश प्रसाद ने कहा कि एनक्वास प्रमाणीकरण गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की गारंटी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को एनक्वास मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने चिकित्सा अधीक्षिका डॉ फाल्गुनी गुप्ता एवं मंडलीय क्वालिटी कंसलटेंट डॉ तनवीर के नेतृत्व एवं समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनके कुशल मार्गदर्शन, टीम वर्क एवं निरंतर मॉनिटरिंग के कारण ही सीएचसी चौकाघाट ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त की है। उन्होंने समस्त चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि जनपद के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शहरी सीएचसी चौकाघाट की भांति जनपद के अन्य शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी शीघ्र ही एनक्वास प्रमाण पत्र प्राप्त करने में सफल होंगे।
