
बीएचयू में हृदय गति रुकने से हुआ निधन
वाराणसी । अंतर्राष्ट्रीय योग गुरु और योग ऋषि के नाम से प्रसिद्ध गंगोत्री विहार कॉलोनी नगवा निवासी 61 वर्षीय डॉक्टर राकेश पांडे का मंगलवार की सुबह हृदय गति रुकने के कारण निधन हो गया।
जानकारी के अनुसार 3:30 बजे भोर में उनको सीने में तकलीफ हुई जिसपर उनके छोटे पुत्र योगेश पांडे ने उनको लेकर सर सुंदर लाल अस्पताल बीएचयू पहुंचे जहां इलाज के दौरान उनका सुबह 7:00 बजे हृदय गति गति रुकने के कारण निधन हो गया।
योग ऋषि डॉक्टर राकेश पांडे एडमिन हिलेरी का जहाज रोकने वाले योगी स्वर्गीय राजबली मिश्र के प्रिय शिष्यों में एक थे और हठयोग के लिए जाने जाते थे। हरिशचंद्र इंटर कॉलेज में हिंदी विषय के अध्यापक होने के साथ-साथ वह देश-विदेश में योग का भी प्रदर्शन करते थे। डॉक्टर राकेश पांडे अमेरिका, सूरीनाम, दक्षिण अफ्रीका रूस सहित अनेक देशों में भारतीय योग का प्रदर्शन भी करने के लिए जाते रहते थे।
जिसके लिए उनको कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले हैं । डॉ राकेश पांडे के निधन से दुखी हठयोगी राजबली मिश्रा के पुत्र विजय प्रकाश मिश्रा ने बताया कि वह हमारे पिताजी के प्रिय थे व हमारे भाई की तरह थे हम लोग साथ-साथ ही अपने गुरु राजबली मिश्रा जी से योग की विद्या सीखी और पूरे विश्व में योग का प्रचार प्रसार कर रहे थे। उनके निधन से योग के क्षेत्र में काफी क्षति हुई है जिसकी भरपाई भर भविष्य में मुश्किल है। लोग भूषण सम्मान से सम्मानित साहित्यकार डॉक्टर जयप्रकाश मिश्रा ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वह हमारे परिवार की तरह ही थे अध्यापन करने के साथ-साथ ही वह योग का भी पूरे विश्व में प्रचार प्रसार करते थे ऐसे योग ऋषि की जाने से वह काफी मर्माहत। वही समाजसेवी रामयश मिश्र ने कहा कि डॉ राकेश पांडे समाजसेवा के क्षेत्र में भी बहुत सहयोग करते थे और पुष्कर तालाब के सफाई अभियान में तालाब पर आकर श्रमदान भी करते थे। वे दिल के बहुत ही सरल और निश्चल आदमी थे। उनके द्वारा युवा पीढ़ी को निशुल्क योग की शिक्षा भी दी जाती थी। उनके देश-विदेश में काफी संख्या में शिष्य हैं। योगी विनय कुमार मिश्रा ने भी उनके निधन पर दुख जताया है। उनका अंतिम संस्कार हरिश्चंद्र घाट पर किया गया मुखाग्नि उनके बड़े पुत्र गौरव पांडे ने दिया वह अपने पीछे दो पुत्र दो पटरिया और पत्नी का भरा पूरा परिवार छोड़ कर गए हैं उनके अंतिम संस्कार में काफी संख्या में नगर के वरिष्ठ जन्म पहुंचे थे।
